आओ प्रियतमा तुम्हे पटक...

नमस्कार दोस्तों कैसे है आप सब, आशा करता हूँ ठीक ही होगे | मेरा नाम नीशांत पटेल है और मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ | दोस्तों ये कहानी मैं इसलिए लिख रहा हूँ क्यूंकि मैं आप को बताना चाहता कि चुदाई की खुजली हमेशा लड़कों को ही नहीं होती है कभी कभी लड़कियों को इसका ज्यादा चसका होता है | मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूँ क्यूंकि मेरे साथ हुआ है | आपको लग रहा होगा मैं शायद बहुत अच्छा दिखता हूँ या फिर बहुत अमीर, तो ऐसा कुछ नहीं मैं दिखने में बिलकुल साधारण लड़कों जैसा हूँ जिसे देखकर लड़की मुँह घुमा लेती है और पैसे की कमी तो मेरे पास हमेशा रहती है | तो ऐसा हुआ कैसे ? उसके लिए आगे कहानी पर चलते है |

मेरी क्लास में एक लड़की थी जिसका नाम अनामिका था और वो उन लड़कियों में से थी, जैसी हर क्लास में होती है जिसके बारे में सब बोलते है कि ये रंडी है और किसी का भी ले लेती है लेकिन ऐसा होता नही है | तो कहानी तब सी शुरू होती है जब मैडम ने मुझे आगे वाली बैंच पर बैठाया था पेपर के समय और मैं क्लास के उन लड़कों में से हूँ जो बहुत कमीने होते है लेकिन पढ़ते भी अच्छा है | उस दिन उसने कुछ नहीं पढ़ा था शायद चुदवा रही होगी कहीं, तो उसने मुझसे कहा कि बता देना तो मैंने उसको बहुत कुछ बता दिया जिसकी वजह से वो पास तो हुई लेकिन अच्छे नम्बरों से | पेपर वाले दिन तो उसने ज्यादा कुछ बात नहीं की लेकिन जिस दिन रिजल्ट आया, वो आके मेरे गले लग गई वो भी मेरे दोस्तों के सामने | उस दिन मेरे दोस्तों ने भविष्यवाणी कर दी थी कि भाई तेरे को बहुत जल्द्दी चूत मारने मिलने वाली है लेकिन मैंने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया |

पहले मैं अपने दोस्तों के साथ बैठा करता था लेकिन उस दिन के बाद से या तो वो आके मेरे पास बैठ जाती थी या फिर मुझे बुला लेती थी और जाना पड़ता था | वो मुझसे बहुत चिपक के बैठती थी कभी हाँथ पकड़ना तो कभी जांग पर हाँथ रख देना | कुछ दिन तक ऐसा ही चल रहा था तो एक दिन जब हम दोनों पीछे वाली सीट पर बैठे थे और कोई टीचर नहीं आया था और सब अपने में लगे थे, तब मैंने उससे पूछा क्या बात है कुछ दिनों से मुझपे ज्यादा कृपा बरस रही है तुम्हारी आखिर बात क्या है ? तो उसने कहा वो कृपा नहीं पगले प्यार है और फिर बस मैं वहीँ फ्लैट क्यूंकि उस दिन के पहले मुझे लगता था कि कोई लड़की मुझे पसंद नहीं करेगी | उस दिन हम दोनों क्लास में छुट्टी तक बैठे रहे जबकि हम ब्रेक में ही भाग जाया करते थे | तो उस दिन आखरी क्लास थी और मैडम पढ़ा रही थी, तो मैंने अनामिका से कहा अरे यार बहुत बोर हो रहा है, तो उसने कहा मैं कुछ करूँ | तो मैंने सोचा क्या करेगी ? हो सकता है कोई जोक सुनाएगी या फिर कुछ अपनी बारे में बताएगी, तो मैंने कहा हाँ करो और उसने सीधा हाँथ मेरी जांग पर रखा और सहलाने लगी |

मैं एक पल के लिए हैरान हो गया लेकिन फिर आराम से मज़े लेने लगा | मेरा लंड तो खड़ा हो ही गया था तो उसने जांग सहलाते सहलाते पैंट के ऊपर से मेरा लंड पकड़ लिया और कहा वाह कितना बड़ा और मोटा और फिर मेरा लंड सहलाने लगी | ये सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था तो मुझे मज़ा कुछ ज्यादा ही आ रहा था | फिर क्लास खत्म हो गई और हम जाने लगे, हम दोनों बस में घर जाते थे उसका घर थोडा पहले पड़ता था और मेरा थोड़ी दूर था | तो हम दोनों चलते हुए जब कॉलेज के बाहर आ रहे थे, तो उसने पूछा तुमने कभी किया है सैक्स ? तो उसने कहा नही किया, तुमने किया है कभी ? तो उसने कहा हाँ लेकिन सिर्फ एक बार, लेकिन जब मैंने उसको चोदा था तो उसकी चूत देखके ऐसा लग रहा था जैसे रोज़ दो बार चुदवाती हो | तो उस दिन वापस जाते समय हम बस में खड़े खड़े गए और मैं उसके पीछे खड़ा था और उसकी गांड में लंड दबाये पड़ा था | वैसे उसकी गांड तो चौड़ी थी ही लेकिन दूध तो और मस्त थे शायद सुडोल वाला तेल लगा के बड़े किये होंगे या फिर दिन भर किसी से दबवाती होगी |

एक बात और हमारी कॉलेज में ड्रेस कोड था लेकिन एक दिन रहता था जिस दिन हम अपने पसंद के कपड़े पहन सकते थे, तो अगला दिन वही था और वो ऐसे कपड़े पहन के आई कि मैं ही नहीं पूरे कॉलेज के लड़के आँखें फाड़ फाड़ के देख रहे थे | हाँ लेकिन उन कपड़ों की एक ख़ास बात थी वो टेबल पे सर रखकर लेटी रही और ऊपर से ज़रा सा नीचे किया और पूरे दूध बाहर, दबाते रहो और जैसे ही कोई आये तो जल्दी से ऊपर करके पहन लो | चलो फैशन ने कोई काम तो आसान किया | मैंने उस दिन बहुत बार उसके दूध दबाए लेकिन चूत तक नहीं पहुँच पाया हाँ लेकिन अगले दिन के बारे में सोच रहा था कि अगले दिन मैं उसकी चूत घिसुंगा और ऊँगली करूँगा लेकिन किस्मत हमारी सोच के हिसाब से चलती तो क्या था | उस दिन वो आई ही नहीं तो मैंने उसको फ़ोन करके पूछा क्या हुआ क्यूँ नहीं आई ? तो उसने कहा अरे मेरे मम्मी पापा बाहर चले गए है और मेरा एक और घर है जहाँ मैं हूँ अभी बिलकुल अकेली | तो मैंने ठीक है बोलकर फ़ोन काट दिया और फिर उसकी बातों के बारे में सोचा और फिर उसको जल्दी से कॉल करके पूछा कहाँ है तुम्हारा दूसरा घर और फिर ब्रेक में कॉलेज से भाग गया दीवार कूद कर और जल्दी से जल्दी उसके घर पहुँचा |

जब मैं उसके घर पहुँचा और उसने दरवाज़ा खोला, तो मैंने देखा कि वो सिर्फ ब्रा पैंटी में थी ये देखकर मेरा लंड तो वहीँ खड़ा हो गया | उसने कहा अन्दर आओगे या मैं बाहर आऊँ और मेरा हाँथ पकड़ के अन्दर खींच लिया और दरवाज़ा बंद करके उसी से टिककर खड़ी हो गई | मेरा लंड तो खड़ा हो के बाहर आने को मचल रहा था तो मैंने उसको कुछ करने से पहले अपने भी कपड़े उतारना शुरू कर दिए और सिर्फ चड्डी में उसके सामने खड़ा हो गया | फिर वो मेरे पास आई और कहा ये मेरे लिए छोड़ दिया और मेरी चड्डी भी उतार दी और नीचे बैठके मेरे लंड चूसने लगी और मैं धीरे धीरे आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अहाह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह कर रहा था | फिर मैंने उसका मुंह पकड़ा और अन्दर तक लंड डाल दिया और फिर वो रुक गई, तो मैंने कहा खड़े हो और वो उठी और मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध दबाना शुरू कर दिया और मेरा लंड पकड के हिलाती रही | फिर मैंने उस्सका ब्रा भी खोला और पैंटी भी उतारी और उसको बिस्तर पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट के उसके दूध चूसता रहा और लंड उसकी चूत पे घिसता रहा |

मैंने बहुत देर तक उसके दूध दबाये और चूसे और फिर हमने किस किया और मैंने नीचे उसकी चूत के पास चला गया | जैसा की मैंने आपको पहले भी बताया था उसकी चूत ऐसी थी जैसे रोज़ चुदती हो इसलिए मैंने उसकी चूत नहीं चाटी लेकिन मेरा मन पूरा था पर उसकी चूत देखके मन मर गया | फिर मैंने उसकी चूत पे थूक लगाया और अपने लंड पे भी और उसकी चूत में डाल दिया और उसको चोदने लगा | वो बहुत धीमी आवाज़ में सिसकियाँ ले रही थी अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआ आआआआ | ये मेरा पहली बार था लेकिन मुझे भी समझ में आ रहा कि चूत ढीली पड़ चुकी है लेकिन मेरा इतनी ब्लू फिल्म देखने का एक्सपीरियंस कब काम आता | तो मैंने चूत से लंड निकाला और उसके गांड के छेद पे थूक लगाने लगा और फिर मैंने उसकी गांड मारना शुरू कर दिया और अब उसकी आवाज़ में जो वृद्धि हुए थी वो सुनके मेरे कानों को बहुत सुकून मिल रहा था अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआ आआआआ | थोड़ी देर बाद मेरा मुट्ठ निकलने को हुआ और मैंने लंड बाहर निकाला और उसके दूध के ऊपर मुट्ठ गिरा दिया | हम दोनों थक चुके थे और लेटे थे तभी उसने कहा वैसे एक बात बताऊँ ये घर मेरा नहीं है मेरी दोस्त का है और मेरे मम्मी पापा भी यहीं है | तो मैंने कहा फिर झूठ क्यों बोला ? तो उसने कहा वो मेरा मन हो रहा था इसलिए बुला लिया और तुम्हें कोई शक न हो इसलिए अपना घर बताया | तो मैंने कहा ऐसी कोई बात नही लेकिन तुम्हारी चूत ऐसी क्यों है, तो उसने कहा वो मेरे पास डिलडो है और मैं उसका बहुत अच्छे से इस्तेमाल करती हूँ | बस दोस्तों इतना ही था और उसके बाद हम रोज़ एक से दो बार चुदाई तो कर ही लिया करते थे |


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: Thursday, March 29th, 2018
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