Sponsors
loading...
आखिर चुद ही गई

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सब ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम संजना है और मैं मिर्जापुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं अभी कॉलेज की पढाई पूरी कर रही हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है और इसके साथ ही मेरा बदन भी सेक्सी है | मैंने इस साईट में कम ही कहानियां पढ़ी है क्यूंकि मैं इस साईट की नयी पाठक हूँ | आज मैं आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी लेकर पेश हुई हूँ | ये मेरे जीवन की पहली कहानी है और एक दम सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो के समय को बर्बाद न करते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

दोस्तों मेरे घर में मैं हूँ और मेरे अलावा मम्मी पापा हैं | मेरे घरवाले चाहते हैं की मैं एक सफल इंजिनियर बनू | मैं स्कूल में जब पढ़ती थी तब मैं अव्वल थी | लेकिन जब कॉलेज में आई तब मैं बस एक ब्राइट स्टूडेंट ही बन कर रह गई | मैं टॉप नही कर पा रही हूँ पता नहीं क्यूँ ? मैं चुलबुल और मस्तीखोर भी थी और अब भी हूँ पर इसकी वजह से मेरी पढाई कभी डिस्टर्ब नही हुई | मैंने स्कूल टाइम पर कभी बटेरबाजी नहीं की | मुझे बहुत सारे लडको ने पटाने की कोशिश की लेकिन मैं सभी को मना कर देती | क्यूंकि मुझे ये सब करने में बहुत डर लगता था | मेरे पापा बहुत ही सख्त हैं अगर मान लो मैं ये सब कर लेती और कभी पकड़ जाती तो मेरे पापा मेरी जान ही निकाल देते | वैसे मेरे पापा मेरे साथ काफी फ्रैंक भी हैं वो मुझे हर चीज़ का ज्ञान देते रहते थे जब मैं स्कूल में थी इसलिए मैंने स्कूल टाइम में इन सब चीजों को ज्यादा इम्पोर्टेंस नहीं दिया | उसके बाद जब मैं कॉलेज में आई तब मुझे हर चीज़ नयी नयी सी लगने लगी | यहाँ पर लड़के लड़कयाँ घुल मिल कर रहते हैं | मुझे भी इन सब की आदत हो गई | मेरे लड़के दोस्त बने पर मैंने किसी को अपना नंबर नहीं दिया और न ही उनके साथ मैं कभी घूमने जाती | मेरे क्लास के लड़के लड़कियां अक्सर घूमने जाते पर मैं उन्हें मना कर देती क्यूंकि मुझे ये सब पसंद नही था | लेकिन एक दिन की बात मैं कैंटीन में बैठी थी तो मैंने देखा कि एक लड़का मुझे बहुत देर से घूर रहा था | मैं समझ गई कि ये भी मुझे पटाने की कोशिश करेगा | मैं ये भी जानती थी कि वो मुझे नहीं पटा पायेगा | उस दिन बस उसने मुझे देखा ही था | जब मैं रात में खाना खाने के बाद अपने कमरे में बैठ कर पढाई कर रही थी तब पता नहीं मुझे वो लड़के की शक्ल बार बार याद आ रही थी | मेरी समझ में ये नहीं आ रहा था कि ऐसा आखिर क्यूँ हो रहा है ? मुझे लगा कि शायद मैंने ज्यादा पढाई कर ली है इसी वजह से ऐसा हो रहा होगा | तो मैंने सोने लगी | सोते समय भी मुझे उस लड़के का सपना आ गया | अगले दिन मैं सो कर उठी और मैंने सोचा कि अब उस लड़के के बारे में नहीं सोचूंगी | उस लड़के का नाम संजय था और वो दिखने में गोरा चिट्टा और अच्छी कदकाठी का था | अगले दिन फिर वो मेरे सामने आ गया तो मुझे अच्छा सा लगने लगा | मैं उसके आगे निकली और उसे पलट कर देखा | तो उसने मुझे हाय कर के इशारा किया | मैंने बस एक हलकी सी स्माइल की और वहां से निकल गई | कैंटीन में उस दिन वो अकेला बैठा था शायद मेरा ही वेट कर रहा होगा | मैं वहां गई और बैठ गई तो वो उठ कर मेरे पास आया और मेरा नाम पूछा तो मैंने बता दिया अपना नाम और मैंने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम बताया | थोड़ी देर तक हम दोनों की नार्मल बात हुई और फिर उसने मुझसे कहा कि मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ | मैंने भी थोड़ी देर तक सोचा और हाँ कर दिया | कुछ दिन तक हम बस आमने सामने ही बात करते थे | जब मुझे संजय पर भरोसा हो गया तब मैंने उसे अपना नंबर दिया | फिर हम दोनों की फ़ोन पर भी बात शुरू हो गई और जब हमारी दोस्ती को तीन महीने हो गए तो उसने मुझे प्रोपोस कर दिया |

संजय बहुत अच्छा लड़का था इसलिए मैं उसे मना भी नहीं कर पाई | अब हम दोनों रिलेशन में आ चुके थे और उसके कहने पर हम दोनों घूमने भी चले जाते बिना किसी को बताये | एक दिन की बात है मूझे कॉलेज में कुछ लड़के छेड़ रहे थे तब उसने उन सब की पिटाई कर दी जिससे मैं उससे बहुत ज्यादा इम्प्रेस हो गई | मुझे वो अब और अच्छा लगने लगा था | फिर एक दिन उसने मुझे किस के लिए कहा तो मैं उसे मना नही कर पाई | हम दोनों में किसिंग भी होने लगी | जब हमारे रिलेशन को एक साल हो गया तब जा कर उसने मुझे सेक्स के लिए कहा | तो मैंने सेक्स करने की भी इजाजत दे दी थी क्यूंकि मैं अपनी चूत में ऊँगली डाल कर प्यास बुझा लेती थी | मैंने सोचा कि अब लंड के भी मजे ले कर देखती हूँ कि कैसा लगता था | फिर मैं ब्लू फिल्म देखने लगी कि कैसा सेक्स करते हैं | उसने मुझे अपने घर आने को कहा | उस दिन शायद किसी का बर्थडे था मुझे याद नहीं है ठीक से | मैं अच्छे से तैयार हो कर और अपनी चूत के बालो को साफ़ कर के चिकना बना दिया | उसके बाद मैं टिपटॉप हो कर उसके घर गई | जब मैं उसके घर गई तो उसने दरवाजा बंद कर के मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया तो मैंने कहा अरे जानेमन थोडा तो सब्र करो | तो उसने कहा जान एक साल सब्र कर लिया अब और कितना सब्र करूँ ? मैं हँसने लगी | फिर वो मुझे अपनी गोद में उठा कर अपने रूम में ले गया और वहां ले जा कर उसने मुझे थोड़ी देर तक देखा और फिर अपने होंठ मेरे होंठ में दबा कर किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | वो मेरे होंठ के रस को पीते हुए मेरे दूध को टॉप के ऊपर से ही मसल रहा था और मैं भी उसके होंठ को चूसते हुए उसके बदन को सहला रही थी | फिर उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और मेरे ब्रा के उपर से ही दूध को मसलने लगा तो मेरे मुँह से आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह की आवाज़ निकलनी लगी | फिर उसने ब्रा को भी उतार दिया और मेरे दोनों दूध को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा तो मैं आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए मदहोशी के आलम में जाने लगी | वो मेरे दूध को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और मैं आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए उसके सिर को सहला रही थी |

मैंने उसके कपड़े उतार कर नंगा कर दिया और उसके लंड को अपने मुँह में ले कर चूसने और चाटने लगी तो वो आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए मजे लेने लगा | मैं उसके लंड को जोर जोर से ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और वो आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए मेरे मुँह की चुदाई कर रहा था | फिर उसने मेरी टांगो को चौड़ा किया और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए मचलने लगी | वो बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था और मैं आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत में टिका कर अन्दर पेल दिया और चोदने लगा शॉट मारते हुए तो मैं भी आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए चुदाई में उसका साथ दे रही थी | फिर उसने अपनी चुदाई तेज कर दिया और जोर जोर से शॉट मारते हए मेरी चूत को चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊनंह ऊम्मंह ऊउन्न्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्मंह उआह्ह्न्न आहाआ ऊन्म्ह ऊंह करते हुए अपनी गांड ऊपर नीचे करते हुए चुदवा रही थी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरे पेट के ऊपर छोड़ दिया | फिर हमने एक बार और चुदाई की और अब जब भी मौका मिलता है तो हम चुदाई कर लेते हैं |


(0) Likes (0) Dislikes
146 views
Added: Thursday, March 29th, 2018
Added By:
Vote This:        

Your Vote

×
Comments
Sponsors
loading...
Search Site
Share With Us
Random Video
Facebook
Sponsors
loading...
Our Pages
Sponsors
loading...
Sponsors
loading...