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चूत और उसकी मनमानी

हैल्लो फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम सीमा है और मैं इस चुदाई की कहानी की नयी पाठिका हूँ | मैं जानकी नगर में रहती हूँ और मेरी उम्र 18 साल है | मैं न्यू कमर हूँ कॉलेज में और मेरा सिंगल हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर सेक्सी है | वैसे तो मैं चुदक्कड़ नही थी पर कुछ मेरे साथ ऐसा हुआ कि मुझे चुदक्कड़ बनना पड़ा | दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है तो इसमें कुछ गलतिया हो सकती है | अगर आप लोगो को मेरी इस कहानी में कुछ भी गलती नजर आती है तो मैं क्षमा मांगती हूँ | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी जरुर उत्तेजित करेगी और आप लोगो को मेरी इस कहानी को पढ़ कर मजा भी आयगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा वक़्त नही लूंगी और अपनी कहानी पर आती हूँ |

मेरा स्कूल टाइम से ही एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम संजीव है | वो काफ़ी हेंडसम है और उसकी कद काठी भी अच्छी है | मैं उससे प्यार करती थी और मैं उससे कई बार चुदवा भी चुकी हूँ | मेरी चूत की सील उसी ने तोडा था | एक दिन की बात है कॉलेज के बाहर स्ट्राइक था तो उस समय काफ़ी बच्चे बंक कर के घूमने चले गये थे और कई सारे बच्चे स्ट्राइक का हिस्सा बने | मुझे लगा था कि संजीव भी अपने दोस्तों के साथ घूमने गया होगा इसलिए मैंने उसे फोन नही लगाईं और सीधा लाइब्रेरी में जा कर पढने लगी | पढ़ाई में मेरा मन नही लग रहा था तो मैंने सोचा कि चलो यार संजीव को फ़ोन लगाती हूँ और पूछती हूँ कि कहाँ है ? तो मैंने उसे फोन लगाई घंटी गयी पर उसने फ़ोन नही उठाया | मैंने फिर कॉल की पर उसने फिर कॉल नही उठाया तो मैंने उसे मेसेज की कि कहाँ हो तुम ? पर तब कोई जवाब नही मिला तो मैं लाइब्रेरी से बाहर निकलते हुए फोन लगाने लगी | तभी मुझे उसके फ़ोन की घंटी सुनाई दी जो कि स्टोर रूम से आ रही थी |

मुझे लगा किसी और का फ़ोन बज रहा होगा | फिर भी मैं कन्फर्म करने के लिए वहां गयी तो देखा कि संजीव अपनी पेन्ट और अंडरवियर उतार कर बैठा है और एक लड़की जो कि मेरी सहली है रिया वो उसके लंड पे ऊपर नीचे हो रही है और आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ किस सिस्कारियां ले रही है | मैं ये स्टोर रूम के दरवाजे की छेद से देख रही थी | ये सब देख कर मेरा दिमाग ख़राब हो गया | तो मैं जोर जोर से दरवाजा पीटने लगी तो जल्दी से उन्होंने अपने आप को ठीक किये और दरवाजा रिया ने खोली | मैंने तुरंत उसे एक लापाड़ा मार दिया | फिर मैं रिया के बाल पकड़ कर उसको मारने लगी तभी संजीव आ कर लड़ाई छुड़ाने लगा तो मैंने उसे भी एक कंटाप मार दिया जोर से | तो उसने मुझे कंटाप मार के बोला मादरचोद पागल हो गयी है क्या ?

तो मैंने भी कह दिया बहनचोद गांडू | तूने मुझे धोखा क्यू दिया मादरचोद ? तो उसने कहा कि देख अपना मुंह संभाल बहनचोद | तो मैंने भी कह दिया जा रे भडवे तुझे ही बस गाली देते नहीं बनता मुझे भी आता है गाली देना | फिर उसने मुझे कहा रंडी अपनी औकात में रह | मेरी आँख में आंसू आ गये कि मैं उससे प्यार करती हूँ और मेरे साथ साथ वो रिया को भी चोदता है | मैं रोते हुए उससे बोली की मादरचोद तूने मेरे प्यार का मजाक बनाया हैं न रुक भोसड़ी के अब दिखाती हूँ तुझे अपनी असली औकात | संजीव का एक बहुत अच्छा दोस्त है जिसका नाम प्रवीण है | उसका काफ़ी रुतबा और बजन भी है | वो मुझे स्कूल टाइम से ही लाइक करता था | मैंने उसे फोन किया और कहा कि प्रवीण आई लव यू | वो एक दम से कुछ समझ नही पाया और मुझसे पूछा कि कहाँ हो तुम ? तो मैंने उसे कहा कि मैं कॉलेज में हूँ | फिर उसने कहा कि तुम मुझे स्टैंड में मिलो | 5 मिनट के बाद हम दोनों मिले तो उसने मुझसे पूछा कि तुमने अचानक से मुझे प्रोर्पोस किया कुछ बात है क्या ? तो मैने कहा हाँ प्रवीण मैं तुम्हारी बन सकती हूँ अगर तुम मेरा एक काम कर दो तो | उसने पूछा कैसा काम ? तो मैंने उससे कहा कि तुम्हे संजीव को बहुत बुरे तरीके से मारना होगा | उसके बाद मैं तुम्हारी और तुम्हे जो करना है मेरा साथ वो सब कर लेना मैं तुम्हारा साथ दूंगी | तो प्रवीण ने अपने कुछ बदमाश दोस्तों को फोन लगा कर बुलवा लिया | उसके बाद उन्होंने संजीव को मेरे सामने ही बहुत बुरे तरीके से मारे | फिर मैंने कहा कि देख लिया तूने मादरचोद मेरे साथ उलझने का तरीका |

फिर मैं प्रवीण के साथ उसकी गाड़ी में बैठ कर चली गयी | उसके बाद कई दिनों तक संजीव कॉलेज तक नही आया | फिर जब वो कॉलेज आया तो उसकी हिम्मत ही नही हुई मुझे घूर के देखने की | अब मैं प्रवीण के साथ बहुत खुश थी और वो मेरा काफ़ी ख्याल रखता था | फिर एक दिन उसने मुझे सेक्स के लिए कहा तो मैंने भी उसे हाँ कर दिया | संजीव से चुदती ही थी तो मुझे प्रवीण के साथ सेक्स करने में कोई आपत्ति नही थी | उसके बाद प्रवीण मुझे अपने घर ले कर गया जब उसका घर खाली था | वहां पंहुच कर उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया | उसके बाद उसने मेरे होंठ में अपने होंठ रख दिया और मेरे होंठ को किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी और उसके लंड को जीन्स के ऊपर से ही दबाने लगी | फिर उसने मेरे टॉप को उतार दिया और मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे दूध को दबाने लगा तो मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | फिर उसने मेरी ब्रा को उतार दिया और दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्करिया लेते हुए उसके सिर के बालो को सहलाने लगी | वो मेरे दूध को मसल मसल कर चूस रहा था और साथ में निप्पलस को भी होंठ से दबा कर चूस रहा था और मैं बसा आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मजे ले रही थी |

फिर मैंने उसके जीन्स को उतार दिया और अंडरवियर को भी नीचे कर दिया | अब मैं उसके लंड को हाँथ में ले कर चाटने लगी जीभ से रगड़ते हुए | तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगा | फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में डाल लिया और ऊपर नीचे करते हुए चूसने लगी तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा | उसके बाद उसने मुझे बेड पर लेटाया और मेरे दोनों पैरो को फैला दिया | अब वो अपनी जीभ मेरी चूत में रख कर चाटने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मछली की तरह मचलने लगी | वो बहुत ही अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था चूत की झिल्ली को चूसते हुए और मैं भी मस्तमगन हो कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्करिया ले रही थी | फिर उसने मेरी चूत में अपना लंड टिकाया और अन्दर डाल दिया | अब वो जोर जोर से झटके देते हुए चोदने लगा तो मैं भी अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाते हुए उसका साथ देने लगी और आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया लेने लगी | वो जोर जोर से मेरी चूत को चोद रहा था और मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्करिया ले रही थी | आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने मेरी चूत के ही ऊपर अपना वीर्य निकाल दिया |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | आप सभी का मेरी कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद |


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Added: Saturday, June 23rd, 2018
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