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चूत का भरता और लंड की सब्जी

नमस्कार दोस्तों कैसी कट रही आप सबकी ? आशा करता हूँ मज़े में ही होगे | मेरा नाम विवेक है और मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ | मेरे घर में मैं मेरे मम्मी पापा और एक बड़ा भाई है | दिखने में स्मार्ट हूँ और हेल्थ भी अच्छी है लेकिन लड़कियों की कमी हमेशा मुझे परेशान करती है | मगर ऐसा नहीं है कि मुझे कभी कोई लड़की नहीं मिली, मेरी भी तीन गर्लफ्रेंड हुई है लेकिन कुछ दिनों से मैं सिंगल हूँ और अपने हाँथ से ही काम चला रहा हूँ | मैंने बाकी जो दो लड़कियां पटाई थी उनकी कहानी कुछ खास नहीं है लेकिन एक लड़की जिसका नाम संजना था उसकी कहानी कुछ अलग ही है | चलिए बिना समय बर्बाद किये कहानी पर चलते है |

कुछ दिन पहले कि बात है मेरा एक दोस्त है अंकित, उसने मुझे एक लड़की से मिलवाया था जिसका नाम संजना था और उसने बताया था कि लड़की रंडी है एक बार बात करो और अगले दिन ले जा के बजा दो | मैंने उससे थोड़ी देर बात की और उससे उसका नंबर ले लिया और मिस कॉल करके कहा ये मेरा नंबर है सेव कर लेना | मैंने जब अगले दिन कॉल लगाया तो उसने मेरा फ़ोन नहीं उठाया और फिर कुछ दिन हो गए और मैं रोज़ ट्राई करता था लेकिन वो मेरा फ़ोन नहीं उठती थी | अभी कुछ दिन पहले मैं ऑफिस में बैठा था और लाइट भी नहीं थी, तो मैंने सोचा क्या करूँ ? तो मैंने मोबाइल के कॉन्टेक्ट्स में उसका नाम देखा और कॉल लगा दिया | थोड़ी देर तक बैल गई और उसने मेरा फ़ोन उठा लिया, मुझे थोडा अटपटा सा लगा कि आज इसने कैसे मेरा फ़ोन उठा लिया | फिर मैंने उससे थोड़ी बहुत बात की और मुझे पता चला कि अंकित ने ही उसको मेरे बारे भड़काया था और कुछ गलत गलत बातें बताई थी मेरे बारे में | मैंने उसकी सारी गलत फहमियाँ दूर की और उससे बहुत देर तक बातें करता रहा |

उसने मुझसे कहा अच्छा मुझसे मिलना है तो भंवरताल गार्डन आ जाओ, मैं अपनी एक दोस्त के साथ हूँ | तो मैंने कहा अभी मैं ऑफिस में हूँ थोड़ी देर से आता हूँ और मैंने जल्दी जल्दी अपना काम ख़त्म किया और जल्दी से गार्डन पहुँच गया | मैं टिकेट लेकर अन्दर गया और उसको फ़ोन लगा के पूछा कहा हो ? तो उसने मुझे जगह बताई | वो एक कोने में चुपचाप अपनी दोस्त के साथ बैठी थी तो मैं उसके पास गया और जाके उसके साथ बैठ गया | वैसे उसकी दोस्त भी कम माल नहीं थी, उसका नाम रूपाली था और अभी मैं उसको पटाने में ही लगा हुआ हूँ | खैर उसको छोड़ो कहानी पे आते है, तो मैंने उनके साथ बैठा रहा और थोड़ी देर रूपाली चली गई फिर हम दोनों ही अकेले बैठे रहे | उससे बात करते करते मुझे याद आया ये तो साली रंडी है, तो मैंने अपना एक हाँथ उसकी जांग पर रखा | तो उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराने लगी, मैं समझ गया और धीरे धीरे हाँथ ऊपर करके उसकी लैगी के ऊपर से उसकी चूत रगड़ने लगा | मैं आसपास ध्यान दिया हुआ था कि कहीं कोई देख तो नहीं रहा | उसने भी मेरी पैंट के ऊपर से मेरा लंड दबाना शुरू कर दिया, तो मैं रुक गया और यहाँ वहां देखने लगा | तभी मुझे कोई अपनी तरफ आता दिखा और मैंने उसे रोक दिया |

थोड़ी बाद उसको घर से फ़ोन आ गया और उसने कहा चलो ठीक है कल मिलते है और वो चली गई | अगले दिन सुबह मुझको उसका कॉल आया और उसने कहा चलो भेडाघाट घूमने चलते है और हम थोड़ी देर बाद वहां के लिए निकल गए | रास्ते में जाते वक़्त जो भी सुनसान जगह मिल रही थी, मैं उससे पूछ रहा था यहाँ कर ले सैक्स और वो हाँ भी बोल रही थी लेकिन मेरी गांड फट रही थी | फिर हम भेडाघाट पहुंचे क्यूंकि मुझे वहां एक जगह पता थी जगह लड़की ले जाओ के चोद लो और वहां कोई आता भी नहीं था | मैं उसके साथ उसकी जगह पे गया और वहां पे ले जाके उसको बैठने को कहा और मैं यहाँ वहां देखने लगा कि कोई आ तो नहीं रहा है ? मैंने पूरा जाएज़ा किया और मुझे माहौल सही लगा, तो मैं झट से उसके पास पहुँच गया और मैंने देखा कि वो तो कपडे भी उतारने लगी थी | जब मैं उसके पास पहुँचा, तो उसने अपना टॉप उतार दिया था और जीन्स उतार रही थी | मैंने उससे कहा बड़ी जल्दी है तेरे को और जाके उसको किस करना शुरू कर दिया | मैंने उसको किस किया और अपनी पैंट खोलके लंड बाहर कर दिया | वो मेरा लंड पकड़ के चूसने लगी और मेरी गोटियाँ भी सहलाने लगी | वो थोड़ी देर तक मेरा लंड चूसती रही और मेरा माल निकल गया और मैंने वहीँ किनारे में गिरा दिया |

फिर मैंने उसका ब्रा उतारा और उसके दूध चूसने लगा और वो मेरे बाल सहलाती रही | फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चूत रगड़ने लगा | वो धीरे धीरे सिसकियाँ ले रही थी अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह | फिर मैं उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूत में डाल के धक्का मारने लगा और वो अभी भी धीरे धीरे सिसकियाँ ले रही थी अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह लेकिन मुझे उसकी चूत मारने में मज़ा नहीं आ रहा था क्यूंकि साली थी तो रंडी चुदी होगी बहुतों से | मैं थोड़ी देर तक उसको इसी तरह धक्के दे कर चोदता रहा और वो सिसकियाँ लेती रही | फिर मैंने उसको एक करवट दिलवाई और ऊपर से उसकी गांड दबा दी और उसकी चूत मारने लगा | अब मुझे उसकी चूत थोड़ी टाइट लग रही थी और पहले से थोडा ज्यादा मज़ा रहा था उसको चोदने में | अभी तक मैं धीरे धीरे से उसको चोद रहा था लेकिन जैसे ही मुझे मज़ा आना शुरू हुआ मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और उसको ज़ोर ज़ोर के झटके मारने लगा | वो अब अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह आआअ आआअ अह्ह्ह्हह कर रही थी वो भी पहले से तेज़ आवाज़ में | थोड़ी देर चुदाई करने के बाद मेरा फिर से झड़ने को हुआ और मैंने वहीँ उसकी चूत के ऊपर ही माल गिरा दिया और वो वहीँ लेटे लेटे उसे अपनी चूत पे घिसती रही |

फिर हमने कपडे पहने और खाना खाके वापस आ गए | उसका घर मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था और उसके घर के पास एक ग्राउंड था जहाँ पे एक कमरा था जहाँ कोई आता जाता नहीं था | तो मैंने उससे कहा अच्छा कल अपन सुबह जल्दी मिलेंगे और वो मान गई | मैं उस ग्राउंड में सुबह बहुत जल्दी पहुँच गया और उसको भी बुला लिया | उस वक़्त ग्राउंड में एक दो लोग ही थे जो हम दोनों पे बिलकुल ध्यान नहीं दे रहे थे और हमने इस बात का फायेदा उठा लिया | मैं उसको उस कमरे में ले गया और दरवाज़ा लगा दिया और मोबाइल की टॉर्च चालू करके रख दी, कमरे में अँधेरा था और लाइट का जुगाड़ नहीं था | इस बार पहले मैंने उसके कपड़े उतारे और उसके बाद उसने मेरे | जब हम दोनों पूरी तरह से नंगे हो गए, तो हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और किस करने लगे | किस करने में मुझसे ज्यादा जोश तो वो दिखा रही थी | वो किस करते हुए मेरे ऊपर चढ़े जा रही थी, तो मैंने उसको गोद में उठा लिया और फिर करने लगा | जब वो मेरी गोद में थी और हम किस कर रहे थे, तो मैंने उसकी गांड के छेद पे ऊँगली फेरी और अन्दर घुसा दी | जैसे ही मेरी ऊँगली अन्दर गई वो एकदम से रुक गई और मुझसे कहा गांड मारोगे क्या ? तो मैंने उसको उतारा और उसको घुमा के झुका दिया और उसकी गांड के छेद में लंड घुसाने लगा | मेरा लंड अन्दर नहीं गया तो मैंने अपने लंड पे थूक लगाया और उसकी गांड पे भी और धीरे धीरे उसकी गांड में लंड घुसाने लगा |

जब मेरा लंड उसकी गांड के छेद में घुस रहा था उसकी दर्द भरी आवाज़ मेरे कानों को बहुत ठंडक से रही थी | फिर मैंने उसकी गांड मारना शुरू कर दिया और वो सिस्कारियों के बजाए चीखने लगी इसलिए मुझे उसका मुँह बंद करके उसको चोदना पड़ा, जिसकी वजह से मैं ठीक से उसको नहीं चोद पा रहा था लेकिन फिर भी मैंने उसको चोदा | मैं उसको थोड़ी देर तक धक्के मार कर चोदता रहा और वो झटपटाती रही | थोड़ी देर में ही मेरा माल निकल आया और मैंने इस बार माल उसकी गांड के अन्दर ही छोड़ दिया लेकिन उसने कुछ नहीं कहा और मुडके किस करने लगी | फिर उसने अपने कपडे पहने और मैंने भी और उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर चले गए | उसके बाद तो लगभग रोज़ ही हम दोनों चुदाई किया करते थे और आज भी करते है |


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Added: Sunday, April 15th, 2018
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