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दादा और उसकी बिवी कि चुदाइ

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आपका बहुत बहुत स्वागत है मेरी दुनिया में | मैं हूँ चिंटू कोल और मैं भट्टा मोहल्ले में तलैया के पास रहता हूँ | वैसे तो मेरा नाम काफी प्रचलित है क्यूंकि मैं एक बहुत ही मादरचोद और निहायिती बेशरम टाइप का इंसान हूँ | तो दोस्तों आज आप सब यहाँ सब हो क्यूंकि आप मेरी चुदाई की कहानी पढने के लिए उत्सुक हो और मैं भी आपका मनोरंजन करने में पीछे नहीं रहूँगा | मैं अपने जीवन की एक से एक कहानियाँ आपके और घटनाएं आपके सामने पेश करूँगा ताकि आपको पता चल जाए कि मुझे चुदक्कड़पनती क्यूँ पसंद है और मैं क्यूँ अपने लंड की खुजली मिटाने की फ़िराक में घूमता रहता हूँ | दोस्तों मैं पहले ऐसा बिलकुल भी नहीं था क्यूंकि मैं पहले औरतों को नंगा देख के मुट्ठ मार लिया करता था पर एक बार एक दादा की वजह से मुझे चुदाई का चस्का लग गया और मैं एक चुदक्कड बन गया | दोस्तों कभी भी चुदाई करने से पहले ये सोचा लेना कि आपके पास बाद के लिए इंतज़ाम है या नहीं वरना फिर पछताओगे क्यूंकि मुझे तो ये पता चल गया है चूत क्या होती है और उसके अपनी जिंदगी में क्या मायने होते है | इसलिए दोस्तों आज मैं आप लोगों को कुछ ऐसी बात बताने जा रहा हूँ जिसको सुनके आपके होश उड़ जायेंगे और आप कहेंगे भाई ने जो भी किया है सही किया है | इसलिए मै आप लोगों से अनुरोध करता हूँ कि आप अपने पूरे मन से मेरी कहानी को पढ़िए और इसको भी उतना ही प्यार दीजिये जितना आप साड़ी कहानियों को देते हैं | तो आइये अब मैं आपको सुनाता हूँ अपनी कहानी जिसको सुनके आप भावविभोर हो जायेंगे और अपने लंड को पकड़ के मसलने लगेंगे इसलिए मैं आपके सामने अब बिना देर दिए अपनी जिंदगी के कुछ हसीं पल रखने जा रहा हूँ तो गौर से सुनना इन बातों को | दोस्तों ये बात बड़ी पुरानी है और आप सबको ये बात जानके अच्छा भी लगेगा कि ऐसी चुदाई आजकल होने लगी है और लोग इसका बुरा भी नहीं मानते उल्टा इसके मज़े लेते है और शौक से चुदाई करते हैं | तो आइये अब मैं शुरू करता हूँ अपनी कहानी उस मादरचोद दादा की अम्मा के भोसड़े की जय |

दोस्तों जैसा मैंने कहा ये बात पुरानी तो ये बात आज से चार साल पहले की है जब मैंने नयी कला सीखी थी दारु पीने की | अब आप ये सोच रहे होंगे ये कैसी कला है दारु तो कोई भी पी सकता है | मैं मानता हूँ कोई भी पी सकता है पर बिना पानी मिलाये पूरी बोतल पी जाना कोई आम बात तो नहीं है | और ये सब किया धरा उस गांडू दादा का है जो भट्टा मोह्हले में नया नया आया था | जी हाँ मैं वहां पिछले पंद्रह साल से रह रहा था और उस दादा को तीन साल ही हुए थे आये हुए | मैंने सोचा चलो ये नया है तो कोई इसके लिए दिक्कत पैदा न करे इसलिए मैं इसके साथ पी लेता हूँ ताकि कोई इसके साथ कुछ गलत न करे | मैंने यही किया और मैं अगले दिन से उसके साथ बैठ के पीने लगा | उस दिन मेरा माल तेज हो गया और मैं लेहेरने लगा | पर वो दादा मादरचोद हरामी निकला वो मुझसे ज्यादा पीता था | उसने मुझे आखरी में बिना पानी के एक पेक पिला दिया और मेरा माल और ज्यादा तेज हो गया | मैं लोटने लगा और सबकी माँ चोदने लगा | मैंने अपने दोस्त चंचु से बम लिए और जिन जिन से मेरी दुश्मनी है उन सबके घर पे मारने चालु किया | दनादन बम मारने के बाद पुलिस मुझे उठा के ले गयी | फिर क्या अगले दिन मुझे छोड़ दिया गया ये कहके कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए | मैंने भी कह दिया नहीं होगा सर ऐसा आगे कभी | उसके बाद मुझे दादा के साथ पीने में मज़ा आने लगा | वो मुझे ऐसे ही दारु पिलाता और अपने दुश्मनों से लडवा देता और मैं सबकी मैय्या चोद देता था | मेरा बजन चलने लगा था पूरे मोहल्ले में और मैंने किसी से कुछ कहा मतलब वो होना ही है | इसलिए मैंने दादा के साथ ज्यादा रहना शुरू कर दिया | एक दिन की बात है मेरे पास चखने के लिए पैसे नहीं थे और दादा तो मादरचोद था ही भिखारी | उसने कहा ऐसा करो मेरे घर चलो अपन गरमा गरम खाना बना के खा लेंगे | मैंने कहा ठीक है चलो | तो जैसे ही हम घर पहुंचे वो आलू की सब्जी और रोटी बनाने लगा और चटनी भी |

हम दोनों ने दबा के खाना खाया और उसके बाद हम लेट गये | थोड़ी देर बाद मुझे लगा जैसे मेरा लंड कोई मसल रहा है | मैंने उठ के देखा तो दादा मेरा लंड पकड़ के हिला रहा था और ऊपर नीचे कर रहा था | मैंने बोला मादरचोद ये क्या कर रहा है तू | तो उसने कहा भोसड़ी के करने दे बहुत दिनों बाद लंड मिल रहा है करने दे | मैंने भी कहा ठीक है करले मादरचोद कम से कम मुट्ठ तो नहीं मारना पड़ेगा | वो मेरे लंड को पकडके हिलाने लगा और मेरे मुह से सिस्कारियां निकलने लगी | मैं ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करने लगा और दादा भी मादक आवाज़ें निकालने लगा | वो मेरा लंड और जोर से पकड़ के हिलाने लगा और मैं ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करने लगा | थोड़ी देर बाद मैंने ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करते हुए मेरा माल उसके मुह में गिर गया | थोड़ी देर बाद दादा पूरा नंगा हो गया और मुझसे कहने लगा मेरा लंड चूस मादरचोद | उसके बाद मैंने नशे नशे में उसका लंड चूसने लगा | फिर दादा ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करने लगा |

थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने कहा दादा अब तेरी गांड मारूंगा मादरचोद | दादा ने कहा आजा मार ले मेरी गांड मैंने भी उसको पकड़ा और उसकी गांड में अपना लंड उठा के पेल दिया | मुझे ऐसा लगा जैसे दादा कई बार अपनी गांड मरवा चुका है और उसको इन सब में बड़ा मज़ा आता है | मैंने अपना लंड उसकी गांड में अन्दर बाहर करना शुरू किया और दादा ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करते हुए चुदवाने लगा | मैं उसे पूरी रफ़्तार में चोद रहा था और मैं भी ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह कर रहा था | मैंने नशे नशे में उसको दो घंटे तक छोड़ा और फिर उसके बाद ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करते हुए उसकी गांड के अन्दर अपना मुट्ठ भर दिया |

उसके बाद मैं दादा को कभी भी चोद लेता हूँ और उसकी एक बेटी भी है जिसको चोदना अभी बाकी है | पर कहानी यहाँ पे ख़त्म नहीं हुयी उसके बाद मैंने एक औरत की गांड मारी जो कि उसी दादा की रिश्तेदार थी और मुझे उसको चोदने में बहुत मज़ा आया क्यूंकि पहली बार चूत चोदने के लिए मिली | सबसे पहले उस दादा ने मुझे उस औरत से मिलवाया और मेरा काम करवा दिया फिर धीरे धीरे मैंने उससे बात की और उसके बाद सीधा चुदाई कार्यक्रम चालु हो गया | सबसे पहले उसने मेरा लंड चूसा और मैं मस्त ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करते हुए उसके मुह में झड़ गया बीस मिनट बाद | फिर उसने मेरा लंड फिरसे खड़ा किया और मैंने उसकी चूत क्झातना चालु किया | वो भी मस्त ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हकरते हुए अपनी चूत को चटवा रही थी और मैं उसकी चूत से निकलता हुआ पानी पीता जा रहा था | पोरे कमरे में बस ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह की ही आवाज़ आ रही थी और दादा हम दोनों को देख के लंड हिला रहा था |

फिर मैंने अपना लंड धीरे से उसकी चूत में डाला और चोदने लगा | उसकी चूत बहुत गीली थी और चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था | वो ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊ ऊऊऊ ऊऊ ओ आआ अह् ह्ह्ह् ह् ह्ह् आअ ह्ह्ह् ह ऊऊ उम्म् म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह् हह्ह ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह् ह्ह् आअह् ह्ह्ह ऊ ऊउम्म् म्म ऊऊन्न्ह्ह आआ आअह्हह्ह ह्ह ऊऊऊ ऊऊ ऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह् ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह कर रही थी और मैं भी ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह कर रहा था | पोरी रात उसको चोदने के बाद मुझे शान्ति मिली और अब मैं फिर से दादा की बेटी के पीछे लग गया हूँ |


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Added: Thursday, November 16th, 2017
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Category: Hindi Sex Stories

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