दोस्त की भाभी को चोदा

मेरा नाम वरुण है। मैं एक प्रोजेक्ट बना रहा था। मुझे किसी ऐसी की तलाश थी। जिसे प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी हो और उसी के जरिए मैं यह प्रोजेक्ट बना सकता था। लेकिन ऐसे इंसान को ढूंढना। मेरे लिए बहुत ही मुश्किल का काम था। एक दिन मैंने डिपार्टमेंट स्टोर में एक बहुत ही सुंदर लड़की को देखा। वह देखते ही मुझे बहुत अच्छी लगी। लेकिन बात यह थी कि वह शादीशुदा थी। मैं उसे देखता ही रह गया और अचानक उस से टकरा गया। फिर मैंने उसका गिरा हुआ सामान उठाया और उसे दिया। वह वहां से चली गई। वह जब तक अपनी गाड़ी में बैठी। तब तक मैं उसे देखता ही रहा।

उस दिन के बाद वह मुझे कहीं नहीं मिली। मैं कई बार उस स्टोर में आता था। लेकिन वह वहां नहीं रहती थी। फिर एक दिन मेरी दोस्त प्रिया के भाई की एनिवर्सरी थी। तो उन्होंने घर पर पार्टी रखी थी और मेरी दोस्त ने मुझे भी इनवाइट किया था। पहले तो मेरा मन नहीं था पार्टी में जाने का लेकिन प्रिया ने बहुत जिद की इसलिए मैं पार्टी में चला गया। मैंने देखा कि उस पार्टी में वह भी थी जिसे मैंने स्टोर में देखा था। लेकिन मुझे पता नहीं था कि उसी की एनिवर्सरी है। जब मैंने प्रिया से उस लड़की के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह मेरी भाभी है। उन्हीं की एनिवर्सरी है मैं उसे देख कर बहुत खुश हुआ। मैंने प्रिया से उसका नाम पूछा तब प्रिया ने मुझे उनका नाम बताया। उसका नाम अंजलि था।

अंजलि उस दिन कुछ ज्यादा ही सुंदर लग रही थी। मेरा ध्यान तो उस से हटा ही नहीं अंजलि मुझसे उम्र में बड़ी थी और वह शादीशुदा भी थी। लेकिन फिर भी मैं उसे बहुत पसंद करता था। जब दूसरे दिन मैं प्रिया के घर गया। तो मैंने ऐसे ही बातों-बातों में रिया से कहा कि मुझे एक प्रोजेक्ट बनाना है। जिसे इस प्रोजेक्ट का पूरा ज्ञान हो। मुझे उसकी तलाश है। फिर प्रिया ने बताया कि मुझे ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि उसकी भाभी इस प्रोजेक्ट में उसकी मदद कर सकती है। मेरा काम तो और भी आसान हो गया था। साथ ही साथ अब मुझे उसके साथ समय बिताने को भी मौका मिलता। लेकिन जब वह हां कहती है तभी यह संभव है। मैंने और प्रिया ने उन्हें खूब मनाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। प्रिया ने अपने भैया से बात की और अपनी भाभी को समझाने के लिए कहा। फिर उसके भैया ने उसे समझाया तब वह मेरे इससे प्रोजेक्ट में मेरी मदद करने के लिए तैयार हुई।

मैं अपने प्रोजेक्ट की तैयारी में लग गया। एक दिन मैंने अंजलि को एक सुंदर सी जगह पर बुलाया और जब वह आई तो उसने पूछा कि तुमने मुझे यहां क्यों बुलाया। मैंने कहा मुझे तुम्हारी फोटो शूट करनी है। इसलिए मैंने तुम्हें यहां बुलाया। लेकिन वह फोटो के लिए मना कर रही थी। तब मैंने उसे समझाया कि फोटो के बिना मेरा प्रोजेक्ट पूरा नहीं होगा। लेकिन वह तब भी नहीं मानी। हमने थोड़ी देर बात की और फिर वह कहने लगी कि उसे देर हो रही है और अंजलि वहां से चली गई। मैंने उसे दूसरे दिन आने को कहा। लेकिन उसने कहा कि अगर उसके पास टाइम होगा वह तभी ही आ पाएगी वरना नहीं आएगी। मैंने कहा तुम्हें आना ही पड़ेगा। जब दूसरे दिन प्रिया मेरे बारे में बात कर रही थी तभी अंजलि को ध्यान आया कि मैने मिलने को बुलाया था। लेकिन वह तब भी नहीं आई मैं सारे दिन भर उसका इंतजार करता रहा। लेकिन वह नहीं आई और अब मैं अपने घर वापस लौट गया। अंजलि ने मुझसे बहुत संपर्क करने की कोशिश की लेकिन मैं उससे मिला ही नहीं क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि अब वह मुझसे मिले।

मैं किसी तरीके से उससे मदद लू लेकिन वह मुझे मिल गई। वह मुझे कहने लगी कि तुम्हें मुझ से क्या दिक्कत हो गई है जो तुम मुझे मिलना नहीं चाहते हो। मैंने उसे बताया जब मैंने आप से मदद मांगी थी। तो आपने मुझे मदद देने से इंकार कर दिया और मैं आपका इंतजार करता रहा। लेकिन आप वहां पर नहीं पहुंचे जहां पर मैंने आपको बुलाया था। वह चली गई और मुझे कहने लगी। मैं शाम को तुम्हारे घर आऊंगी और वहीं पर तुम मुझसे बात करना। मुझे अभी कुछ काम है इसलिए मुझे जाना पड़ेगा। अब वह अपने काम से चली गई और मैं भी अपने घर पर चला गया।

शाम को वह मेरे घर आई और उस दिन किस्मत से मेरे घर पर कोई था भी नहीं मैं सिर्फ अकेला ही था। वह मुझसे कहने लगी। अब तुम मुझे इस बारे में बताओ तुम्हें क्या समस्या है। कि तुम मुझसे मदद नहीं लेना चाहते। पहले मैं उसे टालता रहा। लेकिन फिर मैंने कहा कि मुझे तुम्हारी मदद नहीं चाहिए। क्योंकि मेरे मन में तुम्हारे लिए कुछ गंदे ख्याल पैदा हो रहे हैं। उसने मुझसे पूछा कैसे ख्याल तुम्हारा मन में पैदा हो रहे हैं मैंने उसे बताया कि मुझे तुम्हें चोदना है। अंजलि ने काफी देर तक मेरी तरफ देखा और फिर देखने के बाद में उसने कहा कि तुम्हारे दिमाग में ऐसा ख्याल और कैसे आए। तो मैंने उसे बताया कि आप मुझे बहुत ही सुंदर लगती हो और मैं जब भी आपके फिगर को देखता हूं। तो मेरा मन खराब हो जाता है। यह कहते हुए मैंने उसे अपने गले लगा लिया। जैसे ही मैंने उसने गले लगाया तो उसके स्तन मुझसे टकरा रहे थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब अंजलि के स्तन मुझसे टकरा रहे थे। मैंने उसे वहीं जमीन पर लेटा दिया और अपने पूरे कपड़े उतार दिए। जिससे कि वह मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी। मैं उसके पूरे बदन को निहार रहा था।

मैं मन ही मन सोच रहा था कि अंजलि का बदन कितना सुंदर और सेक्सी है। मैंने भी तुरंत अपने लंड को अपने पैंट से बाहर निकाला और अंजली से कहा कि तुम इसे हिलाओ वह हिलाने लगी और ना जने उसने कब अपने मुंह में भी मेरे लंड को ले लिया। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब अपने मुंह से वह सकिंग कर रही थी। मैं यह देखकर बहुत ही खुश हो रहा था। वह बड़ी तेजी से अपने मुंह में अंदर बाहर करे जा रही थी और उसने मेरे लंड को अच्छे से चूस कर उसे पूरा लाल कर दिया था। जैसे ही उसने अपने मुंह से मेरे लंड को बाहर निकाला। तो वह बहुत ही ज्यादा लाल हो रखा था। ऐसा लग रहा था। जैसे कोई सेब हो। मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था और मैंने तुरंत ही अंजलि की गोरी और चिकनी चूत को चाटना शुरू किया। जैसे ही मैं उसके चूत को चाटता रहा तो वह बड़ी ही मादक आवाज में मुझे कहती कि तुम बड़े ही अच्छे से कर रहे हो। मैंने अपनी पूरी जीभ को उसके चूत के अंदर तक डाल दिया और फिर बाहर निकाला। मै काफी देर तक ऐसा करता रहा और वह बहुत ही खुश हो गई थी। अंजलि ने मुझसे कहा कि मुझसे सब्र नहीं हो रहा है। मेरा झड़ने वाला है तो तुम तुरंत ही अपने लंड को अंदर डाल दो। मैंने जैसे ही उसकी गोरी और चिकनी योनि में अपना लंड डाला तो वह मचलने लगी। मैंने एक ही झटके में अपने लंड को अंदर तक डाल दिया और बड़ी ही तेजी से मैंने उसके साथ संभोग करना शुरू किया। मैं बड़ी तेज गति से अपनी स्पीड को पकड़कर अंदर बाहर करना जाता और ना जाने मैंने उन 15 मिनट में कितनी बार अंदर बाहर किया। मुझे पता ही नहीं चला और मुझे यह भी पता नहीं चला कि कब मेरा वीर्य अंदर ही उसकी चूत मे गिर गया। लेकिन अंजलि को प्रतीत हो चुका था और उसने मुझे कहा कि मुझे कुछ गर्म महसूस हो रहा है। तो मैंने उसकी चूत से अपने लंड को बाहर निकाला और वह कहने लगी कि तुमने तो अंदर ही वीर्य गिरा दिया। लेकिन उसे कोई समस्या नहीं थी और वह बहुत ही खुश नजर आ रही थी। अब मैं भी शांत हो चुका था। उसके यौवन का रस पी कर।

मैंने भी उसे कहा कि तुमने मेरी हेल्प नहीं की मेरे प्रोजेक्ट में तो उसने मुझे सारी समस्या बताई। कहने लगी कि मैं तुम्हारे प्रोजेक्ट मे तुम्हारी हेल्प करना चाहता हूं। लेकिन घर की समस्याओं में उलझी हूं। लेकिन आखिरकार अंजलि ने मेरी मदद की और मेरा वह प्रोजेक्ट कंप्लीट हो गया और मैंने उसे अपने कॉलेज में सबमिट किया। यह मेरे लिए बहुत ही अच्छी बात थी कि मेरे प्रोजेक्ट की बड़ी ही तारीफ हुई और सब लोगों ने बहुत ही सराहना की उसके बाद मैंने अंजलि का धन्यवाद कहा। उसे चोदने के लिए दोबारा अपने घर पर बुला लिया। मैंने अपनी खुशी को भी उसकी चूत मे ही अपने वीर्य के साथ डाल दिया।


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: Monday, September 3rd, 2018
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