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पहली बार का प्यार और चुदाई

हैलो भाइयों और उनकी बहनों, मैं आपको एक बात बताना चाहता हूँ एक नज़र में भी प्यार होता है, मैंने सुना है | ये पढ़के आपको लग रहा होगा मैं कोई आशिक़ या प्रेमी हूँ लेकिन ऐसा कुछ नहीं है पहली नज़र में कोई पसंद नहीं आता लड़कियों को, लड़को की तो बात ही अलग है हम लोग तो शादी बच्चे और उनका नाम तक सोच लेते है, बस कोई अच्छी लड़की दिख बस जाए | तो इस कहानी में जो लड़का है मतलब इस कहानी का हीरो वो हूँ मैं, दिलीप अग्रवाल और इस कहानी की हीरोइन है मेरी गर्लफ्रेंड अवंतिका | हम दोनों झाँसी के रहने वाले है और यहीं रहकर अपने प्यार के फूल खिलाते रहते है, ऐसा उसको लगता है मेरी तो मंज़िल ही कुछ और है | वैसे आप सब समझ रहे होंगे कि मैं किस मंज़िल की बात कर रहा हूँ, हाँ एक और बात अगर किसी को लगता है प्यार जैसा कुछ होता है तो ये सब बकवास है जब तक ज़रूरत पूरी होती रहती है, प्यार रहता है, वरना तू अपने रास्ते मैं अपने रास्ते |

तो बात है मेरे बचपन के प्यार की जब मैं 8वीं में था और मेरी क्लास में एक नई लड़की आई | उसका नाम अवंतिका था और उसकी सुन्दरता के क्या कहने | मुझे मिला के बहुत से लड़के पीछे पागल थे लेकिन मेरे साथ ये पहली बार हुआ था इसलिए मुझे लगा शायद प्यार है | दो साल बीत गए और हम दोनों ने मैथ्स लिया और फिर से एक ही क्लास में आ गए | मेरा जो प्यार था अब कुछ कर गुज़रने के लिए मुझे फोर्स करने लगा लेकिन मैं हमेशा खुद को यहीं बोलके समझा लेता था कि भाई वो बहुत सुन्दर है और तू इतना अच्छा भी नहीं दिखता | मैं तब साइड से मांग निकालता था और बिलकुल ही चिपके बाल रखता था और मुझे चश्मा भी लगा था, इसलिए बिलकुल किसी चूतिये जैसा लगता था लेकिन जब मैंने कोचिंग ज्वाइन की और वो भी उसी कोचिंग में आई तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, मुझे लगता था जैसे ऊपर वाला मुझे उससे मिलाना चाहता है | वहां मेरा एक दोस्त बना निखिल मैंने उसको अपनी सारी बात बताई, वो बिलकुल स्टड लड़का था इसलिए उसने पहले मुझसे कहा चल तेरी उससे बात करवाता हूँ | उस दिन मैंने पहले बार उससे बात की और उसने भी नॉर्मली मुझसे बात की | फिर उसने मेरी उससे दो तीन दिन तक बात करवाई और फिर कहा अब एक हफ्ते तक मत आना कोचिंग और नाही स्कूल जाना |

एक हफ्ते में उसने मेरा लुक ही चेंज कर दिया और जब मैंने उस लुक में खुद को देखा, तो मेरे अन्दर से कॉन्फिडेंस आ गया | फिर जब मैं एक हफ्ते बाद जब गया तो वो खुद मेरे पास आई और मेरे पास बैठकर बातें करने लगी | उसने कहा यार तुम तो बिलकुल बदल गए फिर उसने मेरे साथ सेल्फी ली और फिर शुरू हो गई हमारी कहानी | इतना सब करने के बाद भी एक कमी थी जो शायद मैं तब कहीं से पूरी नहीं कर सकता था, वो थी मेरे पैसे की कमी | निखिल भी कोई इतना रहीस नहीं था इसलिए वो भी मेरी कोई मदद नहीं कर सकता था और अवंतिका के शौक बहुत ऊँचे थे | इसलिए हमारी कहानी ज्यादा चल नहीं पाई और कुछ दिन बाद उसने मुझसे बात करना बंद कर दिया | मुझे निखिल ने बहुत समझाया कि भाई उसको कुछ मत बोलना वरना बात बिगड़ जाएगी लेकिन मैं फिर भी उसके पास गया और उसको प्रोपोस कर दिया | उसने क्या क्या सुनाया मुझे वो सब मैं नहीं बता सकता लेकिन उससे मेरा दिल तो टुटा ही लेकिन मैं नहीं | मैं फिर भी उसको फॉलो करता रहा और कुछ दिन के उसको मुझपे तरस आ गया लेकिन मुझे तो पता था ये सिर्फ नाटक कर रही है क्यूंकि वो अभी भी दूसरे लड़को से चिपकती रहती थी |

अब भाई कहानी में एंट्री होती है एक और लड़की की, सुष्मिता | वो बहुत अच्छी लड़की थी और बहुत पैसे वाली भी लेकिन घमंड बिलकुल नहीं | एक दिन जब मैं कोचिंग से लौट रहा था तो उसकी कार से मेरे ऊपर कीचड़ उचककर गिरा और उसने ये देख लिया | उसने कार रुकवाई और अपनी बोतल दी और मैंने अपने कपड़े साफ़ किये जितने भी हुए | फिर उसने मुझसे कहा प्लीज़ आप मेरे साथ आईये, मैंने उसको मना किया तो उसने कहा प्लीज़ चलिए | तो मैं उसके साथ उसकी कार में बैठ गया और वो मुझे मॉल में लेके गई और मुझे एक जोड़ी नए कपड़े दिलवाए | उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई और मुझे उससे प्यार हो गया | मैं अभी भी अवंतिका से रिलेशन में था लेकिन अब मुझे उसकी पुरानी बातें याद आने लगी और मैंने अगले दिन से सुष्मिता से बातें शुरू कर दी | अवंतिका की ये सब देखकर शायद झांटे सुलग गई होंगी और उसी दिन उसने मुझसे झगड़ा करके ब्रेकअप कर लिया | उसके बाद तो भाई मेरे और सुष्मिता के प्यार के चर्चे सबकी जुबां पर थे और अवंतिका की जलाने के लिए इतना काफी था |

एक दिन की बात है मैं और सुष्मिता साथ बैठे थे और अवंतिका हमारे बाजू वाली बैंच पर बैठी थी | मैं बार बार सुष्मिता की कमर में हाँथ डाल रहा था और वो बार बार मेरा हाँथ हटा दे रही थी | अवंतिका की नज़र बार बार हमारे ऊपर ही आ रही थी और जब उसकी नज़रें एक मिनिट तक हमारे ऊपर रुकी रहीं तो मैंने एक दम से उसके दूध दबा दिए | ये देखकर अवंतिका की आँखें बड़ी हो गई और उसने जल्दी से अपना मुँह घुमा लिया | सुष्मिता अपना मुँह बंद करके हंसने लगी और मैंने उसकी कमर में हाँथ डाल दिया और वैसे ही बैठा रहा | तभी ब्रेक हुआ और हम दोनों जाके सुष्मिता की कार में बैठ गए और हमने फैसला किया कि हम दोनों अगली क्लास अटेंड नहीं करेंगे | तो हम उसकी कार में बैठे रहे और जब क्लास चल रही थी तो हम कार को पार्किंग के अन्दर वाली जगह में लेके गए जहाँ पे ज्यादा गाड़ियाँ भी नहीं लगती थी और वॉचमैन देखने भी नहीं आता था | वहां ज्यादातर अँधेरा ही रहता था इसलिए वो जगह और भी अच्छी थी | कार वहां पार्क हुई और मैंने मौके फायेदा उठाना शुरू कर दिया | पहले मैंने उसके टॉप के अन्दर हाँथ डाला और उसके दूध दबाने लगा | वो बार बार मुझे कह रही थी नहीं करो कोई आ जायेगा लेकिन मुझे पूरा कॉन्फिडेंस था कि कोई नहीं आएगा क्यूंकि मैंने कई बार उसी जगह बंक मारा है और कभी पकड़ा नहीं गया | मैं उसके दूध दबाता रहा और वो चुपचाप बैठी रही |

उसके दूध दबाने के बाद मैंने अपनी पैंट खोली और थोड़ी सी उतार दी और लंड हिलाने लगा | वो मेरे लंड को देखने लगी लेकिन मुझे पता था कि उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा होगा, तो मैंने उसको अपना लंड पकड़ा दिया | उसने पहले मेरा लंड पकड़ के दबाया और फिर हिलाने लग गई | वो मेरा लंड हिलाती रही तो मैंने उसका सिर पकड़ा और झुका दिया और कहा अब चूसो भी | तो उसने धीरे धीरे मेरे लंड को चूसना शुरू किया और फिर मेरा लंड चाटते हुए चूसने भी लगी | जब वो मेरा लंड चूस रही थी तो मैं आसपास नज़र रखे हुए था क्यूंकि ऐसे मौकों पर ही कोई न कोई टपकता है | वो मेरे लंड चूसती रही और मैं फिर आराम से बैठके मज़े लेता रहा |

फिर मैंने उससे कहा चलो पीछे वाली सीट पर चलते है और हम पीछे वाली सीट पर चले गए और किस करते हुए पीछे वाली सीट पर बैठ गए | फिर मैंने उसकी जीन्स खोली और थोड़ी नीचे कर दी और पैंटी भी और उसकी टांगे उठाके उसकी चूत मलने लगा | मैं उसकी चूत मलता रहा और फिर उसने खुद अपनी जीन्स और पैंटी उतार दी | मैंने फिर उसकी चूत में लंड घुसाया और उसको चोदने लगा और वो अह्ह्ह हहह हहह आह्ह्ह ह्ह्ह अह्ह्ह आआह अह्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह आआअ अह्ह करती रही | मैं उसको चोद रहा था और उसने अपनी टांगों से मुझे जकड़ रखा था ताकि मैं ज्यादा ज़ोर के झटके न मारूं लेकिन फिर भी मैं जितने ज़ोर के मार सकता था मार रहा था और वो अह्ह्ह हहह हहह आह्ह्ह ह्ह्ह अह्ह्ह आआह अह्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह आआअ अह्ह करती रही | थोड़ी देर बाद मेरा मुट्ठ निकलने वाला था तो मैंने लंड बाहर निकल लिया और उसकी चूत के ऊपर मुट्ठ गिरा दिया | उसके बाद हमने कपड़े पहने और वापस जाने लगे | उस वक़्त कोचिंग छूट चुकी थी और जब हम वहां से निकले तो अवंतिका ने हमें देखा और देखती रह गई | शायद उसे समझ में आ गया होगा कि हम चुदाई करके लौट रहे है | उसके बाद से हम आये दिन उसकी कार में सैक्स करते थे बस जिस दिन उसका ड्राईवर साथ आता था उस दिन कुछ नहीं कर पाते थे |


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Added: Friday, May 4th, 2018
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