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पहले प्यार का पहला अहसास-1

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं उम्मीद करता हूँ की आप सभी लोग मस्त ही होंगे | दोस्तों मैं आप लोगो के लिए आज एक कहानी को लेकर आया हूँ | दोस्तों ये कहानी नही मेरे जीवन की सच्ची घटना है | जिसको मैं आज आप लोगो के सामने अपने सब्दो में बताने जा रहा हूँ |

दोस्तों मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले आप लोगो को अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा मेरा नाम सिंवांक है और मैं रहने वाला पंजाब का हूँ | मेरी हाईट 6 फुट 5 इंच है | दोस्तों मैं ज्यादा गोरा नही हूँ पर मैं दिखने में अच्छा लगता हूँ | मेरी बॉडी मस्त है और इसकी वजह है की मैं जिम करता हूँ | मेरी उम्र 22 साल है | दोस्तों अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ और आप सभी लोगो से उम्मीद करता हूँ की मेरी कहानी आप लोगो को पसंद आयेगी और पढने में मज़ा तो जरुर आएगा |

दोस्तों ये कहानी तब की है जब मैं अपनी बुआ के घर घुमने गया था | दोस्तों मैं अपनी बुआ के घर पुरे 3 साल बाद गया था | जब मैं अपनी बुआ के घर पंहुचा तो मेरी बुआ मुझे देखकर बहुत खुश हुई और मुझे पकड कर बिठाया | फिर मेरे छोटे भाई यानि मेरी बुआ का छोटा लड़का उसको आवाज दी | पर वो सायद कहानी गया हुआ था इसलिए नही आया |

दोस्तों मैं आप लोगो को बता देता हूँ की मेरी बुआ के दो लडके हैं और बड़ा वाला बाहर जॉब करता है जिसकी वजह से वो घर बहुत कम टाइम ही रहता है | जब वो नही आया तो मेरी बुआ मुझसे बोली की बेटा तुम बैठो मैं अभी आती हूँ |

बुआ मुझे इतना कहकर चली गयी और फिर कुछ देर बाद आई और किचन मे जाकर चाय बनाने लगी | मैं बैठ ही था की सामने से एक लड़की आई दोस्तों जिसको देखकर मेरे होश ही उड़ गए थे |

मेरी नज़र उसके ऊपर से हट ही नही रही थी और मैं उसे बिना आंखे बंद किये देखे ही जा रहा था | मैं उसको देख रहा था पर वो मुझे देखकर सीधे किचन में चली गयी | दोस्तों मैं समझ गया की बुआ ने कुछ उससे मंगाया था और वो वही किचन में देने गयी थी | वो देखकर जाने लगी तो बुआ ने कहा मीना रुको कहाँ जा रही हो ?

मीना – कहीं नही भाभी |

बुआ – रुको और ये लो चाय और ये सब लेकर चलो सिवांक के पास |

मीना – हाँ भाभी मैं लेकर जाती हूँ |

दोस्तों वो चलती हुई मेरे पास आई और चाय और खाने का सामन रख कर किचन की और फिर जाने लगी | जब वो जाने लगी तो मैं उसकी मटकती कमर को देखने लगा | क्या हिल रही थी की दोस्तों उसका सेक्सी फिगर देखकर मेरा तो हाल ख़राब हो चूका था |

दोस्तों मेरा हाल उस टाइम वेसा था जैसे बिना पानी की मछली और मुझे लग रहा था की मैं अब उसे बात ही दूँ की मुझे तुमसे पहली नज़र में प्यार हो गया है | पर मैं ये सोच रहा था की अगर मैंने उससे ऐसा कुछ कहा तो वो मुझसे नज़र न हो जाये क्यूंकि मैं उसे अपना बनाना चाहता था पूरी तरह से जिस तरह लोग अपनी बीबी क रखते हैं |

दोस्तों मैं जो कह रहा हूँ वो आप लोगो को तो समझ आ ही रहा होगा | फिर मैं उसको देखता रहा और वो किचन में चली गयी | तब मैंने बुआ से कहा बुआ पानी चाहिए था | दोस्तों मुझे पानी की कोई जरूरत नही थी पर मुझे पता था बुआ कुछ बना रही हैं और पानी देने के लिया मीना ही आयेगी | मैंने इसलिए ही पानी मंगाया था और पानी लेकर मीना आई तो मैंने उससे पानी लिया और उसे देखते हुए हाथ धुल कर बैठ गया |

फिर मैं जब चाय पीने लगा तो वो मुझे चाय पीते हुए देखने लगी | जब मीना मुझे देख रही थी तो मैंने उससे कहा आप भी बैठ जाओ और चाय पियो |

मीना – नही जी आप पियो मैं जाती हूँ और काम करने में भाभी का हाथ बटाती हूँ |

वो ये कहकर चली गयी | दोस्तों इससे पहले मुझे प्यार नही हुआ था और ये मेरा पहला प्यार था और मैं इस पाना चाहता था | फिर मैं कुछ ही देर में चाय पी और जो खाने के लिए नमकीन वैगरा था खाया और उठ कर कमरे में चला गया | जब मैं कमरे में गया तो मेर मन हुआ टीवी देखने का और मैं टीवी देखने लगा | मैं टीवी ही देख रहा था की बुआ ने मुझे आवाज दी सिवांक आओ मैं प्लेट लगा रही हूँ खाना खा लो तुम्हे भूख लग रही होगी |

मैं – बुआ अभी नही कुछ देर बाद खाता हूँ | मैं अभी मूवी देख रहा हूँ देख लूँ |

बुआ – ठीक है देखो मैं भी आती हूँ काम ख़त्म करके ?

फिर कुछ देर बाद बुआ और मीना भी मेरे साथ बैठ कर टीवी देखने लगी |

जब मीना मेरे पास आकर बैठ गयी तो मैं टीवी देखने की वजह मीना की तरफ देखने लगाता | मैं जब मीना को देखने लगता तो मीना मुझे देखते हुए देखकर अपनी आँखों को नीचे कर लेती और तिरछी नज़र करके मेरी तरफ देखती | जब तब मैं टीवी देखता रहा तब तब वो मुझे तिरछी नज़र से देखती रही |

दोस्तों काफी टाइम हो चूका था तो मैंने भी बुआ से खाना निकलने को कहा और खाना खाने के बाद मैंने बुआ से पूछा की बुआ ऊपर कौन रहत है | बुआ ने कहा ऊपर तुम्हरे फूफा जी रहते थे पर इस टाइम वो घर रुकते नही हैं इसलिए ऊपर कोई नही रहता है

तब मैंने कहा बुआ मुझे ऊपर के कमरे दिखा दो मुझे अच्छा लगा तो मैं ऊपर ही रात को लेटा करूँगा |

बुआ – हाँ क्यूँ नही मीना सिवांक को ऊपर के कमरे दिखा दो |

दोस्तों मैं मीना के साथ छत पर गया और मीना ने कमरे खोलो और बोली ये मेरे भईया का कमरा है | मैं हाँ कभी अच्छा कमरा है और कमरे में सब कुछ था टीवी और कुछ जरुरी चीजे |

दोस्तों तब मैंने सोचा की अच्छा मौका है मीना को पटाने का और मैंने पूछ ही लिया की तुम मुझे टीवी देखते टाइम तिरछी नज़रो से क्यूँ देख रही थी |

मीना – मैं नही आप मुझे देख रहे थे ?

मैं – हाँ मैं तुम्हे देख रहा था |

मीना – हाँ तो आप मुझे क्यूँ देख रहे थे ?

मैं – मेरा मन |

मीना – तो मेरा भी मन हुआ तो मैंने देख लिया |

मैं – अच्छा तो तुम्हरा मन मुझे देखने का क्यूँ हुआ ?

मीना – अच्छा तुम बोलो तुम्हारा मन क्यूँ हुआ मुझे देखने का ?

दोस्तों जो मैं बोल रहा था वही वो भी बोल रही थी और मैं मौके का फायदा उठाते हुए ऐसे ही बोलता रहा |

मैं – मीना तुम मुझे बहुत अच्छी लग रही थी इसलिए देख रहा था |

मीना – तुम भी मुझे अच्छे लगे इसलिए मैं भी तुमको देख रही थी |

मैं – अच्छा मैं भी तुम्हे अच्छा लगता हूँ |

मीना – इसमें इतना क्या सोचना सब अच्छे ही होते हैं |

मैं – मीना एक बात बोलूं?

मीना – हाँ बोलो |

मैं – तुम बहुत अच्छी हो ?

मीना – तुम भी ?

दोस्तों जिस तरह से वो मुझसे बात कर रही थी मुझे लग रहा था की ये पट जाएगी |

फिर मैं और मीना दोनों ही नीचे चले आये और उसके बाद रात का खाना खाना खाने के बाद मैं और सब लोग बैठ कर टीवी देखने लगे | मैं और मीना कुछ दुरी पर बैठे थे तो जब मैं टीवी देख रहा था तो मैं मीना को इशारे कर रहा था की वो मुझसे छत पर आके मिले मुझे तुमसे कुछ बात करनी है | पर वो मेरी बात समझ ही नही रही थी | तब मैंने कहा मीना जरा पानी लाना |

मीना हाँ लती हूँ और ये कहकर पानी लेने चली गयी | जब वो पानी लेने गयी तो मैं भी कमरे से बाहर निकल आया और मीना जैसे ही पानी लेकर आई तो मैंने मीना से कहा मैं छत पर जा रहा हूँ तुम कुछ ही देर में आओ मुझे तुमसे कुछ बात करनी है | मीना हाँ मैं कुछ देर में आउंगी तुम जाओ |

दोस्तों जब उसने ये कहा तो मुझे लगा हाँ वो भी मुझे पंसद करती है वरना रात को छत पर अकेले मिलने आने के लिए तैयार नही होती | मैं ये कहकर छत पर चला गया और छत पर इधर उधर घुमने लगा | मैं इधर उधर घूमते हुए उसका इंतजार कर रहा था |

मैं इधर उधर घूम ही रहा था की वो आई और बोली हाँ कहो | दोस्तों मैंने उससे कहा की यार मैं तुम्हे बहुत पंसद करता हूँ |

वो हन्ति हुई बोली सच्ची में ?

मैं हाँ मीना मैं तुम्हसे बहुत प्यार करता हूँ और ये कहते हुए उसे गले से लगा लिया | दोस्तों मैं इस कहानी को दुसरे भाग में लेकर आऊंगा ?

धन्यवाद |


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Added: Sunday, May 27th, 2018
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