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मैने अपने आशिक से चूत मरवाई

मेरा नाम अनुष्का है। मैं जयपुर की रहने वाली हू। मेरा सपना है की मैं वकील बनू। मैं अपनी लॉ की पढ़ाई कर रही थी पढ़ाई के दौरान मैं देर रात से घर लौटते थी और मेरे घरवाले चाहते थे कि मैं शादी करके सेटल हो जाऊं लेकिन मुझे अभी शादी नहीं करनी थी। अगर मैं शादी करती भी तो मुझे एक ऐसा लड़का चाहिए था जो डॉक्टर हो दिखने में भी ठीक-ठाक हो और एक अच्छे घर का शरीफ लड़का हो। मैं ऐसे लड़के से शादी करना चाहती थी।

एक दिन जब मैं देर से घर लौट रही थी तो कुछ लड़के शराब पीकर घूम रहे थे। मुझे उन्हें देखकर डर भी लग रहा था लेकिन मुझे घर भी जाना ही था। मैं आगे बढी, वह मेरे पीछे पीछे आने लगे और मुझे तंग करने लगे। तब तक एक लड़का वहां से गुजर रहा था उसने देखा कि कुछ लड़के मुझे छेड़ रहे हैं। वह मुझे बचाने के लिए आया और उनको वहां से भगाया। उस दिन तो मैं डरी हुई थी इसलिए मैंने उससे कोई बात नहीं की उसने मुझे घर तक छोड़ा और चला गया। जब अगले दिन मैं काँलेज जा रही थी तो मुझे कल की बाते याद आ रही थी। मैं सोच रही थी कि उसने मेरी मदद की और मैन उसे थैंक्स भी नही बोला। पर जब अगली बार वह मुझे मिलेगा तब पक्का मैं उसे थैंक्स बोलूंगी।

वह दूसरे दिन मेरा आइडेंटी कार्ड लौटाने आया जो उस दिन रास्ते में गिर गया था फिर मैंने उसे थैंक्स कहा और मैने उसका नाम पूछा उसका नाम सूरज था। फिर वह मुझे घर तक छोड़ने के लिए आया उसके बाद से वह हमेशा ही मेरी कॉलेज के आगे खड़ा रहता था और मुझे घर तक छोड़ने लगा क्योंकि रास्ते में कुछ लोग मुझ पर कमेंट करते थे इसलिए वह मुझे घर तक छोड़ा करता था। इसी बीच मुझे उससे प्यार हो गया और वह भी मुझ से प्यार करने लगा।

वह एक मोटर मकैनिक था एक दिन जब वह मेरे साथ मेरे घर तक आया था तो मैं उससे बातें करने लगी और घर से मेरी मां ने हमें देख लिया था। मेरी मां को वह बिल्कुल भी पसंद नहीं था मेरी मां ने मुझे उससे मिलने के लिए मना किया लेकिन फिर भी मैं उसे मिलने जाती थ। एक दिन मेरे पापा ने उसी के गैराज में जाकर उसने कहा कि वह उसके लायक नहीं है और वह उससे मिलना छोड़ दे फिर अगले दिन जब मेरे पापा मेरे लिए शादी का रिश्ता लेकर आए तो मैंने कुछ नहीं कहा।

अगले दिन मुझे लड़के वाले देखने आ रहे थे मैं तुरंत से सूरज के पास उसके गैराज में गई और उससे बताया कि मुझे कल लड़के वाले देखने आ रहे हैं। उसने मुझसे कहां की तो मैं क्या कर सकता हूं उसने कहा मैं तुमसे प्यार करता हूं और शादी भी तुम्हीं से करना चाहती हूं लेकिन उसने मना कर दिया था क्योंकि मेरे पापा ने उसे मुझसे दूर रहने के लिए कहा था इसलिए वह ऐसा कर रहा था।

अब जब मुझे लड़के वाले देखने आए तो उन्होंने उसी दिन मेरी इंगेजमेंट फिक्स कर दी। मैं सूरज के बारे में सोचने लगी थी और उधर सूरज भी मेरे लिए परेशान हो रहा था। मैंने पहले अपनी मां को भी समझाया था कि मैं सूरत से प्यार करती हूं और उसी से शादी करना चाहती हूं लेकिन उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया। उन्हें यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई और इसलिए उन्होंने मेरी जल्दी से शादी करने का फैसला किया। मेरी इंगेजमेंट होने के बाद भी वह मुझसे मिलने आया था लेकिन मैं चुपचाप वहां से चली गई।

लेकिन मैं तो सूरत से ही प्यार करती थी और मैंने सोच लिया था कि अब मैं सूरज के साथ ही सेक्स करूंगी और उसे ही अपना जीवन साथी बनाऊंगी चाहे मेरे घरवाले अब कुछ भी बोलें तो मैं सूरज से मिलने के लिए उसके घर पर चली गई। वह अकेला ही रहता था। मैंने उसका दरवाजा खोलते हुए सीधा ही अंदर घुस गई वह अंदर लेटा हुआ था। उसने सिर्फ एक बनियान और तौलिया लपेट रखा था। मैंने उसे कहा कि मैं तुमसे प्यार करती हूं और तुम यहां घर पर बैठे हुए हो मुझे कितनी चिंता हो रही है लेकिन उसके बावजूद भी तुम्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता कि मेरी जिंदगी में अब आगे क्या होगा और मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगी। उसके बाद उसने मुझे अपनी बाहों में लेते हुए समझाने की कोशिश की ऐसा कुछ नहीं है जैसा तुम समझ रही हो। मैं भी तुमसे प्यार करता हूं लेकिन तुम्हारे साथ अब आगे का समय नहीं बिता सकता। हम यह बातें कर रहे थे तभी मैंने उसके होठों को अपने होठों में ले लिया है और उसे किस करने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसे किस कर रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था मानो मेरी प्यास बुझ रही हो और वह भी मुझे कसकर पकड़ रहा था।

अब मैंने उसके तौलिए को अपने हाथों से निकाल दिया उसने अंदर से अंडरवियर नहीं पहनी थी तो उसका लंड एक दम से खड़ा था। मैंने उसके लंड को अपने हाथों में लेते हुए सीधा ही अपने मुंह में लेना शुरू कर दिया मैंने उसे अपने गले तक ले लिया और उसे अच्छे से चूसने लगी जैसे ही मैं ऐसा करती तो वह मुझे कहता कि तुम बहुत अच्छे से कर रही हो उसका वीर्य मेरे गले में ही गिर गया और मैंने वह सब पी लिया। मुझे बहुत अच्छा लगा जब मैंने उसके माल को अपने मुंह में लिया मुझे ऐसा लगा जैसे मानो मेरी मुराद पूरी हो गई हो। उसने भी मुझे वही जमीन पर लेटा दिया और मेरे कपड़े उतारने लगा उसने मेरी टीशर्ट को उतारते हुए मेरे ब्रा को धीरे से खोला और अब वह मेरे स्तनों से रसपान कर रहा था। वह बड़ी तेजी से मेरे स्तनों को दबा रहा था और मेरे स्तनों से दूध निकल रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब वह इस तरीके से कर रहा था तो मैं उसे कसकर पकड़ लेती अब उसने कुछ लव बाइट भी मेरे स्तनों पर दे दी इतने प्यार से मेरे स्तनों को चूस रहा था कि मेरी से चूत से पानी निकलता जा रहा था। उसने मेरी जींस को भी धीरे से खोलते हुए मेरी पैंटी को भी उतार दिया और मेरी चूत को चाट रहा था और बड़े ही अच्छे से अपनी जीभ को रगड़ रहा था।

ऐसा उसने बहुत देर तक किया जब मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा तो उसने अपने लंड को मेरी चूत मे रगड़ना शुरू किया और ऐसा ही काफी देर तक वह करता रहा। अब उसने एक ही झटके में मेरी चूत मे अपना लंड डाल दिया जैसे ही उसका लंड मेरी चूत मे घुसा तो मेरी चूत से खून निकलने लगा और मुझे बहुत तेज दर्द होने लगा लेकिन वह बहुत मीठा दर्द था मुझे अच्छा भी लग रहा था और दर्द भी हो रहा था। ऐसे ही वह अपने लंड को अंदर बाहर करता रहा और मेरी गीली चूत को चोदता रहा और मुझे अच्छा भी लगने लगा। वह बड़ी ही तेजी से अपने लंड को अंदर बाहर करते जा रहा था थोड़ी देर तक तो उसने ऐसे ही किया। उसके बाद उसने मुझे अपने ऊपर बैठा लिया अब मैं उसके लंड पर अपने चूतड़ों को ऊपर नीचे हिला रही थी मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं अपनी चूतडो को ऊपर-नीचे करती जा रही थी।

काफी देर तक ऐसा करने के बाद उसका वीर्य गिर गया और उसने मेरी योनि में ही सारा वीर्य गिरा दिया। कुछ देर हम लोग ऐसे ही लेटे रहे थोड़ी देर बाद फिर उसका मन दोबारा से हो गया और उसने मुझे ऐसे लेटे लेटे ही मेरी चूतड़ों के बीच में से अपने लंड को घुसा दिया। जैसे ही उसका लंड मेरी चूत मे दोबारा गया तो मेरी चीख निकल पड़ी और वह बड़ी ही अच्छी तरीके से अंदर बाहर करने लगा। मेरी चूतड़ उसके लंड से टकरा रही थी और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब वह मेरे साथ इस तरीके से कर रहा था। 5 मिनट तक उसने मुझे ऐसे ही चोदा कुछ समय बाद दोबारा उसका वीर्य पतन होने वाला था तो उसने अपने वीर्य को मेरी चूतड़ों पर गिरा दिया। मैंने अपने हाथ से उसके सारे वीर्य को अपनी चूतड़ों पर फैला लिया और ऐसे ही रगड़ती रही मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके माल को अपने हाथों से लगा रही थी। अब हम दोनों आराम से सो गए और जब हम उठे तो मैंने फिर उससे यही बात पूछी थी क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो तो वह कहने लगा प्यार तो करता हूं लेकिन मेरी भी कुछ मजबूरियां हैं। मुझे कुछ समय दो मैं वह सब मजबूरियां खत्म कर दूंगा उसके बाद मैं तुम्हारे साथ शादी करूंगा।


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Added: Monday, September 3rd, 2018
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