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मौसी ने साड़ी उठाकर खड़े...

मौसी ने साड़ी उठाकर खड़े खड़े पीछे से चुदवाया
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मेरा नाम गौरव है मैं कोटा का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 19 साल है। मैं कॉलेज की परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी मौसी के घर 1 महीने के लिए गया हुआ था। ऐसा कुछ हुआ जिसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। मेरी मौसी की उम्र 38 साल है मौसी दिखने में बहोत खूबसूरत है। मौसी थोड़ी मोटी है लेकिन गोरी और आकर्षक सरीर है उनका। मेरे मौसा जी बाइक रिपेरिंग का काम करते है सुबह जल्दी काम पर जाते है और रात देर से घर आते है। मौसी की एक बेटी है जिसकी उम्र 8 साल है।
मौसी मुझे बहोत प्यार करती है। एक दिन दोपहर की बात है मौसी की बेटी सो रही थी। मुझे जोर की सुसु लगी थी मैं घर के पीछे वाली नाली में पेशाब करने गया। मैंने ध्यान नहीं दिया मौसी वहाँ पहले से बैठी हुई पेशाब कर रही थी। मौसी मुझे देख कर घबरा गयी और खड़ी हो गयी मैं जल्दी से मुड़ा और वापस घर के अंदर आ गया। मैं डर गया मौसी मुझे डाँटेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ मौसी आयी और बोली जा करले पेशाब। मैं चुपचाप पेशाब करने उसी नाली में गया और अपना लंड निकाल कर मूतने लगा दोस्तों मुझे मौसी की चिकनी मोटी गोरी गांड दिख गयी थी. पेशाब करते करते मेरा लंड खड़ा हो गया मुझे मौसी को लेकर गंदे ख्याल आने लगे। मुझे मुट्ठ मारने की बड़ी गन्दी आदत थी मैं हर दिन मुट्ठ मार कर मजे लेता था। मुझ से कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने वही खड़े खड़े मुट्ठ मार लिया और वापस आ कर लेट गया।

उस रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी मैंने कभी सेक्स नहीं किया था और आज मुझे एक औरत की नंगी गांड देखने नसीब हुई थी मेरे लिए ये सब बहुत मजेदार था। गांव में घर अंदर बाथरूम नहीं होने से बाहर जाना पड़ता था मैं मुट्ठ मारने का मन बना लिया था लेकिन बाहर जाने से डर लग रहा था। मैं कमरे के एक कोने में खड़े हो कर अपना लंड बाहर निकाल लिया और मौसी की गांड को याद करके मुट्ठ मारने लगा आज मैं मौसी को सोच कर मुट्ठ मार रहा था मेरी आंख्ने बंद थी मैं सोचने लगा मौसी मेरी बीवी है मैं उसके साथ बिस्तर में नंगा हूँ और उनको चोद रहा हूँ। जोर जोर से अपने लंड को फेट रहा था मुझे आनंद की प्राप्ति हो रही थी। अचानक मुझे लगा किसी ने लाइट चालू कर दी है। मैं हड़बड़ा कर आँख खोला और सर घुमा कर देखा मौसी खड़ी थी। मौसी मेरे पास आयी और धीरे से बोली क्या कर रहा था ? इधर मुड दिखा मुझे। मेरी फट चुकी थी दोस्तों मैं कापने लगा मेरे दिल की धड़कने तेज तेज चलने लगी मैं वैसा ही खड़े था और अपना लंड छुपाने की कोसिस कर रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मौसी मेरे सामने आयी और बोली ये सब काम करना सुरु किया है तुमने? मैं चुप था। मौसी बोली – हाथ हटा सीधा खड़ा हो। मैं हाथ हटा लिया। मेरा लंड डर से ढीला पड़ गया था। 6 इंच का मोटा काला लंड जिसकी टोपी खुली हुई थी। मेरे अंडकोष से चिपका हुआ निचे लटक रहा था। मौसी मेरे लंड को बड़े गौर से देख रही थी। मौसी बोली तू बहोत बिगड़ गया है तेरी माँ से शिकायत करुँगी। मैं मौसी से माफ़ी मांगे लगा
मौसी प्लीज माफ़ कर दो आगे से फिर कभी ऐसा नहीं करुगा। मौसी मेरे पास आयी और बोली ठीक है। मौसी मेरे लैंड को देख रही थी उनकी आँखों में वासना थी। मौसी बोली कपडे ठीक कर और सो जा। मैं लंड चड्डी के अंदर डाल कर सो गया। मौसी अपने कमरे में चली गयी।
दूसरे दिन सुबह मौसी मुझे जगा कर चाय बनाने चली गयी। मैं जल्दी से मुँह हाथ धोकर आया और सब के साथ बैठ कर चाय पिने लगा। मेरे दिमाग में यही ख्याल आ रहा था मौसी ने मौसा जी को बता तो नहीं दिया। दोपहर को खाना खाने के बाद मैं आराम कर रहा था। मौसी मेरे बगल में आकर लेट गयी। मेरी आँख बंद थी मैं सोने का दिखावा कर रहा था।

मौसी मुझ से चिपक कर सोई हुई थी मौसी कपडे के ऊपर से मेरी छाती को सहला रही थी। मेरे कुछ समझ नहीं आया मौसी क्या चाहती है। मौसी शांत हो कर मेरे बगल में लेटी हुई थी मुझे थोड़ी देर बाद नींद आ गयी शाम को मेरी नींद खुली मौसी मेरे बगल में नहीं थी। मैं रसोई में गया मौसी नास्ता बना रही थी। मौसी ने पिंक कलर की साडी और काले रंग की ब्लाउज पहने हुई थी। किसी अप्सरा जैसे खूबसूरत दिख रही थी।
मैं मौसी के पास गया और बोला मौसी चाय भी बना लेना थोड़ी देर बाद मौसी चाय लेकर कमरे में आयी
मौसी की मटकती गांड आज कुछ ज्यादा हिल रही थी। ऐसा लग रहा था मुझे पुकार रही हो। जैसे किसी मोबाइल को नेटवर्क का सिग्नल मिलता है ठीक वैसे ही मुझे मामी से चुदाई का सिग्नल और मदहोश कर देने वाली खुसबू मिल रही थी। शाम को मैं पड़ोस के लड़कों के साथ नंदी किनारे घूमने चला गया वापस आकर मैं थक गया था इसलिए जल्दी खाना खा कर 9 बजे सो गया। मुझे सपना आया जिसमे मैं मौसी को चोद रहा था। मेरा लंड मौसी की चूत में था और सपने में जैसे मेरा वीर्य मौसी की चूत में गिरा यहाँ मेरी चड्डी में मेरा वीर्य निकल गया। मेरी नींद खुल गयी मैं जल्दी से उठ बैठा और अपने चड्डी के अंदर झाक कर देखा अँधेरा होने से कुछ नहीं दिख रहा था मैं अंदर हाथ डाला मेरे हाथ में वीर्य लग गया। मैं चड्डी बदलने के लिए कमरे की अलमारी खोल कर दूसरी चड्डी निकाल लिया और वही अँधेरे का फायदा उठा कर चड्डी बदलने लगा। मैंने अपने वीर्य से भीगी हुई चड्डी उतारकर जैसे ही दूसरी चड्डी पहनने के लिए चड्डी में पैर डाला एक बार फिर लाइट चालू हो गयी। सामने मौसी थी।
मौसी मेरे पास आयी और धीरे से बोली तू फिर से वही सब कर रहा है ?
मैंने कहा – नहीं मौसी मेरा सुसु निकल गया था चड्डी बदल रहा हूँ।
मौसी जमीन पर पड़ी मेरी चड्डी उठा कर देखते हुए बोली ये सुसु नहीं है इसमें तेरा माल लगा हुआ है।
मैं बोला – मौसी जी नींद में निकल गया मैंने कुछ नहीं किया।
मौसी मेरे लंड को देखते हुई बोली सीधा खड़े हो देखती हूँ क्या समस्या है।
मौसी उकडू होकर बैठ गयी और मेरे लंड को हाथ में लेकर बोली – अरे गौरव तेरा ये बड़ा हो गया है इसलिए माल उगल रहा है।
मेरे पास इसका इलाज है। इतना बोल कर मौसी मेरा लंड अपने मुँह में डाल कर जोर जोर से चूसने लगी मेरे लंड पर वीर्य लगा हुआ था जिसे चूस कर मौसी मजे ले रही थी। मेरा लंड पूरा तन कर खड़ा और दिमाग सुन्नन पड़ गया था। मैंने कभी जिसकी कल्पना भी नहीं की थी वो आज हो रहा था। मेरी खूबसूरत मौसी मेरा लंड मजे से चूस रही थी। मेरे अंदर जोश आ गया और मैं बिना डरे मौसी का सर पकड़ कर अपने लंड को अच्छे से चुसवाने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मौसी बहोत ज्यादा चुदासी हो रही थी उनका चेहरा पूरा लाल पड़ गया था। मैं मौसी को उठा कर खड़ा किया और उसको गले लगा कर उनके कोमल सरीर से लिपट कर उनका सुख भोगने लगा। मौसी पूरी जोश में आ चुकी थी और मममम अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह ईश कर सिसकारियां ले रही थी। मैं धीरे से मौसी के कान में बोला मौसी मैं तुमसे बहोत प्यार करता हूँ। तुमको चोदने का सपना देखकर मेरा ये हाल हुआ है आज तुमने खुद मेरा साथ देकर मेरा सपना पूरा कर दिया।
मौसी बोली – गौरव मैं भी तुमसे चुदवाने के लिए कल से तड़प रही हूँ तुम्हारा मोटा लम्बा लंड देख कर कल से मेरे अंदर आग लगी हुई है लेकिन हिम्मत नहीं हुई कुछ बोलने की। तेरे मौसा मुझे बिलकुल भी नहीं चोदते मैं महीनो चुदाई के बिना हूँ। आज अपनी मौसी की प्यास बुझा दे।
मैंने कहा ठीक है मैं तुमको अपने बीवी समझ कर चोदुँगा और तुमको मुझे अपना पति मान कर मेरे साथ चुदाई करनी होगी। आज से मैं तुमको मौसी नहीं बोलूंगा तुम्हरा नाम लूंगा। मौसी बोली- ठीक है मेरे पति आज से मैं आप की हूँ आप मुझे अपने पत्नी समझ कर प्यार करिये।
मैंने कहा – मोहनी मेरी जान आओ आज हम दोनों एक हो जाये।
मौसी बोली अभी नहीं कल चोदना। तेरे मौसा जाग गए तो हम दोनों पकडे जायँगे। कल दोपहर को मौका मिलेगा तू मेरी जम कर चुदाई करना।
दोस्तों मैं खुद को रोक नहीं सका और मेरी बीवी मोहनी को जोर से पकड़ कर उसके ओंठ चूसते हुए उसे और ज्यादा उत्त्तेजित करने लगा आज मैं कैसे भी करके मौसी को चोदना चाहता था।
मौसी बोली गौरव ऐसा मत कर मैं खुद को रोक नहीं पाऊँगी।
मैंने कहा मत रोको मेरी जान यही खड़े खड़े चुदाई कर लेते है मौसी बोली ठीक है मैं देख कर आती हूँ कही तेरे मौसा जाग तो नहीं गए। मौसी गयी और २ मिनट बाद वापस आ कर बोली। वो और मेरी बेटी दोनों सोये है यही जल्दी से चोद। मौसी अपनी साडी उठा कर झुक गयी अंदर उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी। उसकी गोरी चिकनी गांड और बर्गर जैसे फूली हुई चुत के दर्शन पाकर मैं दंग रह गया। मैंने आज अपने जिंदगी में पहली बार रियल में चुत देखी थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।मैं बैठ कर पीछे से मौसी की चुत चाटने लगा मौसी के चूत पहले से गीली हो चुकी थी। मैं मौसी की चूत चाट कर चूस रहा था नमकीन पानी और चूत की खुसबू से मेरा जोश और बढ़ गया मैं मौसी की गांड को चाट कर जोर से काट दिया। मौसी उछलने लगी और खड़े होकर अपना ब्लाउज खोलदी मैं उसके बड़े बड़े दूध दोनों हाथों से दबाने और बरी बरी से पीने लगा थोड़ी देर बाद मैं मोहनी को खड़े खड़े चोदने के लिए दीवार से सटा कर उनकी तांग उठा लिया और उनकी चूत में अपना लंड धीरे से डाला मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था मुझे छेद नहीं मिल रहा था मैं नया खिलाडी था।

मौसी अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर चूत की छेद पर लगा कर धक्का देने के लिए बोली मैं जोर से धक्का दिया और मेरा पूरा लंड मौसी की चूत में चला गया। मौसी की चूत किसी भट्टी की तरह गरम थी आज मैं जन्नत में था मैं धीरे धीरे मौसी की चूत में धक्के मारने लगा मेरा लंड गपा गप अंदर बाहर हो रहा था। मैं मौसी के लिप्स चुने लगा मौसी दोनों हाथों से मेरा पीठ सहला रही थी। खड़े खड़े टाँग उठा कर चुदाई करने का मजा अलग था। थोड़ी देर बाद मौसी बोली रुक पीछे से डाल पूरा अंदर जायेगा मौसी साडी उठा कर झुक गयी और मैं पीछे से लंड डाल कर उनको चोदने लगा। धक्कों के साथ मेरा लड़ मौसी की चूत में अंदर बहार हो रहा था। मौसी के दोनों दूध हवा में उछल रहे थे मौसी धीरे धीरे अह्ह्ह उम्म्म्म ओह्ह्ह कर रही थी. मैंने चोदने की गती बढ़ा दी और थप थप पॉच पॉच की आवाज आने लगी 5 मिनट चुदाई के बाद मौसी का चूत पानी छोड़ दिया। 4- 5 धक्कों के साथ मैं भी पूरा वीर्य मौसी की चूत में छोड़ दिया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।मौसी पलट कर निचे बैठ गयी और मेरा लंड मुँह में लेकर चूस चूस कर साफ़ करने लगी। लंड साफ़ होने के बाद मौसी जमींन पर गिरे हुए वीर्य को एक कपडे से साफ़ करने लगी मैं मौसी को उठा कर अपने चड्डी से उनकी चुत साफ़ किया और दूसरी साफ़ चड्डी पहन कर मौसी को एक बार फिर से किस करते हुए उनके बूब्स मसलने लहगा मौसी बोली अभी जाने दो मेरे पति देव। कल दोपहर को बिस्तर पर पुरे नंगे हो कर चुदाई करेंगे। मौसी कपड़े ठीक करके सोने चली गयी थोड़ी देर बाद मैं भी सो गया। दूसरे दिन दोपहर को मौसी की बेटी सोने के बाद हम दोनों ने पति पत्नी का खेल खेला और पुरे नंगे होकर बंद कमरे में 3 बार चुदाई की मैंने उनको हर तरह से चोदा। उनकी और खुद की प्यास बुझाई। जब तक मैं मौसी के घर पर था हर दिन चुदाई का खेल चला। मेरी मौसी अब मेरी मुँह बोली बीवी है अब इन्तजार है दोबारा मौसी के घर जाने का तब तक कोई दूसरी चूत तलाश लूंगा चुदाई लिए। हो सकता है मेरे घर में ही चूत मिल जाये।


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Added: Saturday, September 16th, 2017
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