Sponsors
loading...
वाह रे मौसी तेरी कमसिन चूत

मेरा नाम शुभम है और मैं केरल का रहने वाला हूँ, | कॉलेज में मैं बहुत सी लड़कियों को चोदा है । मेरी उम्र 26 साल है, हाईट 5 फीट 8 इंच है । आज मैं भी अपना एक ख़ुद का अनुभव लिख रहा हूँ । आज जो मैं आप लोगो को अपनी कहानी बताने जा रहा रहा हूँ ये मेरे और मेरी चाची के बीच की कहानी है |

एक दिन मैं सुबह उठा तो मुझे पता चला कि मेरी चाची की छोटी बहन रिश्ते में मेरी मौसी अनीता शाम तक हमारे घर आ रही थी और वो विधवा थीं । मैं शाम का इंतज़ार कर रहा था कि अचानक घर की घंटी बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो अनीता मौसी सामने थीं, मैं मौसी को देखता ही रह गया । कहीं से भी वो विधवा नहीं लग रही थीं क्यूंकि मेरी मौसी की उम्र महज 28 साल थी, और हाईट 5 फीट 6 इंच, दूध का शेप 38 लगभग पूरा फिगर 38-29-38 का था रंग गोरा, लम्बे घने बाल गांड तक आते थे । यही वजह थी कि मैं उन्हें देखते ही उनकी जवानी पर मर मिटा था। मौसी के आने के बाद हम में अच्छी बनने लगी।

कुछ दिन ऐसे ही बीत गए। फिर मुझे पता लगा कि घर वालों को पापा के एक दोस्त के बेटे की शादी में ऊटी जाना है। मैंने तुरंत ही सोच लिया कि मैं नहीं जाऊँगा । पापा ने मुझसे चलने को कहा तो मैंने मना कर दिया और चौंकने वाली बात यह कि मौसी ने भी मना कर दिया । घर वाले सब चले गए और अब मैं और मौसी ही घर पर थे । अगले दिन से ही मेरा दिमाग ख़राब होना शुरू हो गया। जब भी वो झुक कर झाड़ू-पौंछा लगाती , तब मैं उनके बड़े और गोरे दूध देखता । मैंने धीरे धीरे काम के बहाने से ही उनसे बातचीत चालू किया | उन्हें भी अच्छा लगता था । एक दो दिन में उनसे अच्छी दोस्ती हो गई और हँसी-मजाक भी शुरू हो गया । मैं कभी कभी मजाक में उनके ऊपर थोड़ा सा पानी डाल देता और वो गीली हो जाती तो उनकी ब्रा और दूध दिखते । मैं उनके आस पास ही रहता । उनके जिस्म से बड़ी ही मादक खुशबू आती थी । मैंने सोच लिया कि अब कुछ करना होगा, वरना सब वापस आ जायेंगे और मैं कुछ नहीं कर पाऊँगा । एक दिन शाम को मैंने देखा कि अनीता मौसी टीवी देख रही हैं। मैं अपने कमरे में गया और अपना लंड निकाल कर बैठ गया।

मौसी का कमरा मेरे कमरे के बाद था और मुझे पता था कि वो जब अपने कमरे में जाएँगी तो मेरे कमरे में जरूर देखेंगी । मेरा प्लान काम कर गया और उन्होंने मेरे खड़े लंड को देख लिया । मुझे पता था कि वो ज्यादा नहीं चुदी हैं तो आग उनमें मुझसे ज्यादा ही होगी । वो मेरा लंड देख के अपने कमरे में भाग गईं । मेरा काम हो गया था मैंने उन्हें उस चीज़ के दर्शन करा दिए ।

अगले दिन जब मौसी पोंछा लगा रही थीं, तो मैं वहां से गुजरा । इस बार उन्होंने मेरे साथ मजाक किया और पानी मेरे ऊपर फेंका । मैं समझ गया कि मौसी तो गईं अब । मैंने भी अनीता मौसी को मजाक में बोला- मौसी अब मत फेंकना पानी, वरना आपको बाथरूम में शॉवर के नीचे ले जाकर पूरा भिगो दूँगा । उन्होंने मुस्कुराते कहा जाओ-जाओ बहुत देखे हैं तुम्हारे जैसे |

मैंने सोचा कि अच्छा मौका है पर मुझे थोड़ा सा डर लग रहा था इसलिए मैं सीधा बाथरूम में गया मैंने एक भरा हुआ जग पानी लाकर उनकी साड़ी के ऊपर डाल दिया जिससे मौसी अच्छी तरह गीली हो गई ।

मैंने कहा अब बोलो और अब फिर से पानी फेंका न तो पूरा नहला दूँगा फिर मुझे मत बोलना।

मेरा लंड खड़ा हो चुका था । जैसे ही मेरा ध्यान थोड़ा सा हटा उन्होंने मेरे सिर पर पानी डाल दिया । मुझे जिस मौके की तलाश थी वो मिल गया था ।

मैंने उनसे कहा मौसी अब तो आप गई काम से और पीछे से उनकी कमर से पकड़ कर उठाया जिससे मेरे हाथ उनके दूध के ऊपर थे । मौसी को जबरदस्ती बाथरूम के अन्दर ले गया । वो अपने को हँसते हुए छुड़ाने की कोशिश कर रही थी पर मेरी पकड़ उनके बदन पर मजबूत थी । बाथरूम में जाकर मैंने शॉवर चालू कर दिया और वो भीगने लगीं । मैं जैसे ही जाने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा मैं अकेले नहीं, तुम भी भीगोगे मेरे साथ ।

वो भीगते हुए मुझे चिड़ाने लगी । अब मैंने सोच लिया कि अब तो मैं इन्हें चोद कर ही रहूँगा जो होगा देखा जाएगा ।

इस बार मैंने मौसी को पीछे से सीधे उसकी दूध पकड़ कर उठाया और शॉवर के पास भिगोने लगा । वो फिर से हँसते हुए छुड़ाने की कोशिश करने लगीं । पर अब मेरे सब्र टूट चुका था मैं उन्हें पागलों की तरह चूमने लगा | शॉवर के नीचे ही उनके दूध दबाने लगा । फिर मैंने ज्यादा देर न करते हुए मौसी को चूमते हुए स्तन दबाते हुए कमरे में लेकर जाने लगा पर अब वो मेरे इरादे समझ चुकी थीं इसीलिए वो डर गई और अपने पूरे जोर से अपने आप को छुड़ाने लगीं । पर मैं तो पागल हो चुका था, मैंने उन्हें बेड पर पटका । अब वो लगातार हँसे जा रही थी और मुझे छोड़ने के लिए भी कह रही थीं । पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैं उनके ऊपर चढ़ गया । मैं उन्हें नंगा करना चाहता था उनकी प्यारी चूत और बड़े और गोरे दूध देखना चाहता था और चाटना चाहता था । मैंने उनकी साड़ी उतार दिया और फिर मैंने उनके ब्लाउज और ब्रा को भी उतार फेंका और होंठों पर चूम रहा था। धीरे धीरे उनका विरोध ख़त्म हो रहा था। अब वो चुपचाप मेरा साथ देने लगीं | मैं फिर उनके ऊपर आ गया और पागलों की तरह उन्हें चूमता और चूचियाँ चूसता जा रहा था और वो जोर जोर से सिसकारियाँ ले रही थीं । अब मैंने उनके ऊपर आ गया और उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया । उनकी पेंटी रस से गीली हो चुकी थी ।

मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी और खुद भी पूरा नंगा हो गया । मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी जवान लड़की की चूत देख रहा हूँ । मैंने धीरे से एक ऊँगली मौसी की चूत के अन्दर डाल दिया और ऊँगली से उसे चोदने लगा । वो तड़प उठी और सिसकारने लगी । फिर मैंने उनकी चूत के अन्दर अपनी जीभ घुसेड़ दी और उनकी चूत चाटने लगा। मौसी उचक उचक कर तड़पने लगीं और आहा ऊनह ऊम्ह आवाज़ें निकालने लगीं ।

मैंने भी उनको जीभ से चोदने की गति बढ़ा दी और उनकी चूत को पागलों के जैसे चूसने और चाटने लगा । अचानक उन्होंने मुझे जकड़ लिया और मेरा मुँह अपनी चूत के ऊपर जोर से दबा दिया । वो झड़ गई थीं। उन्हें भी बहुत आनन्द आ रहा था और मुझे ख़ुशी हो रही थी कि अब मैं इस चूत को चोद सकता हूँ । पर अब तो चुदाई शुरू होने वाली थी क्योंकि अब मेरे लंड की बारी थी । अब मैंने मौसी को सीधा लिटाया और उसकी दोनों टांगें फैला दिया ।

अब मैंने फिर से उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और लंड अन्दर डालने के लिए उनकी चूत को अच्छे से पूरा गीला कर दिया। मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी कोमल चूत के ऊपर रखा और उसके निप्पलस और होंठ चूसते हुए एक जोर का धक्का मारा । मेरा लंड उनकी चूत में आधे से ज्यादा घुस गया । मौसी को जोर का दर्द हुआ और उनके चीखने से पहले ही मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से दबा दिया और थोड़ी देर के लिए रुक गया । मुझे लग रहा था कि उनकी चूत से गर्म-गर्म खून निकल रहा है । वो रोती जा रही थीं और तड़प रही थीं। मैं उन्हें जोर से चूम रहा था और उनके स्तन सहलाता जा रहा था, ताकि वो सामान्य हो जाएं।

थोड़ी देर बाद वो शांत हो गईं, उनका दर्द कम हो गया था। सो मैंने धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करना शुरु किया। अब वो अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थीं, पर लंड पूरा अन्दर नहीं गया था। फिर से मैंने उनको जोर से चूमते हुए एक झटका मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया। वो तड़पने लगीं पर अब मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं उन्हें पागलों की तरह चूसते-चाटते जोर-जोर से चोदने लगा। अब वह भी उचक-उचक कर चुदवा रही थीं, सिसकारियाँ लेकर आहा ऊंह ऊम्ह कर रही थीं ।

मैं तो जंगली बन चुका था और उन्हें बेतहाशा चोदे जा रहा था । अचानक एक बार फिर उन्होंने मुझे जोर से जकड़ लिया । मैंने अपनी गति और तेज कर दिया पूरा कमरा मेरे लंड के अन्दर बाहर होने की ‘फच्च्क-फच्च’ की आवाज़ों से भरा हुआ था। अब मौसी फिर से झड़ गई थीं और निढाल होकर लेट गईं । अब मेरी झड़ने की बारी थी मैंने तेज-तेज़ झटके लगाये और उनके पेट पर झड़ गया।

हम बहुत खुश थे। फिर सबके आने तक हमने चार दिनों तक सुबह दोपहर शाम रात हर वक़्त बहुत बार सेक्स किया और जब तक हम अकेले थे तब तक हम दोनों बिना कपड़ो के ही घर में रहते थे बस बाहर जाते समय कपडे पहनते थे ।


(0) Likes (0) Dislikes
255 views
Added: Saturday, June 23rd, 2018
Added By:
Vote This:        

Your Vote

×
Comments
Sponsors
loading...
Search Site
Share With Us
Random Video
Facebook
Sponsors
loading...
Sponsors
loading...
Sponsors
loading...