शादी से पहले लड़की को चोदकर...

मेरा नाम जय है और मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं। मेरी उम्र 26 वर्ष है और मुझे इस कंपनी में जॉब करते हुए काफी समय बीत चुका है। परंतु फिर भी मेरा मन अब काम करने का नहीं है। मैं कुछ अपना ही काम करने की सोच रहा था लेकिन मेरे दिमाग में कुछ भी ऐसा नहीं आता जिससे मैं अपना कोई काम शुरु करता और ना ही मेरे पास कोई ऐसा था जिसे मैं इस तरीके से पूछ पाता कि मैं किस तरीके का काम खोल सकू। ताकि मेरी अच्छी आमदनी हो और मेरी एक रेपुटेशन भी हो। मैंने इस बारे में अपने घरवालों से भी बात की लेकिन वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। इसलिए वह मेरी किसी भी प्रकार से कोई मदद नहीं कर पाए। वह सिर्फ मुझे यह कहने लगे कि यदि तुम्हें किसी प्रकार की पैसो की आवश्यकता है तो तुम हम से ले सकते हो। परंतु मैंने उन्हें कहा कि मुझे पैसों की आवश्यकता नहीं है। मैं यह सोच रहा हूं कि मुझे किस प्रकार का काम खोलना चाहिए। जिससे कि मेरा काम बहुत ही अच्छे से चले और मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो। क्योंकि मैं नौकरी कर के बहुत परेशान हो चुका हूं और आगे मुझे इसमें अपना भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है। यदि मैं जिंदगी भर नौकरी करता रहा तो मैं सिर्फ अपनी सैलरी तक सीमित रह जाऊंगा और उसके बाद जब मैं शादी करूंगा तो अपनी पत्नी के लिए मेरी जिम्मेदारियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी होंगी। इस वजह से मैं अपना कुछ काम शुरू करना चाहता हूं।
मेरा एक दोस्त दिल्ली में रहता है। वह जब घर आया तो मैंने उससे पूछा कि मुझे क्या काम शुरू करना चाहिए। तुम यदि मेरी मदद करो तो मुझे बहुत ही अच्छा लगेगा। क्योंकि मेरा दोस्त बहुत ही ज्यादा एक्टिव व स्मार्ट है। इस वजह से मैंने उससे इस तरीके की राय मांगी। उसने मुझे कहा कि तुम वेडिंग प्लानर का काम शुरू कर दो। यह आजकल बहुत अच्छा चल भी रहा है और तुम इसे अच्छे से कर भी पाओगे। यदि तुम इस प्रकार का काम करते हो तो तुम्हें इसमें आमदनी भी होगी और तुम्हारी एक रेपुटेशन भी बनी रहेगी। मैंने जब उससे इस बारे में पूछा कि मुझे इसके लिए क्या करना पड़ेगा। तो वह कहने लगा कि तुम्हें इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं करना है, तुम्हें अपना ऑफिस लेना है और उसके बाद थोड़ा बहुत सामान अपने पास रखना है और बाकी लोगों से कांटेक्ट करो जो तुम्हें सामान दे सकते हैं और तुम मार्केट से काम उठाना शुरू कर दो। अब मुझे यह काम बहुत अच्छा लगा। मैंने वेडिंग प्लानर का काम शुरू कर दिया और मेरे जितने भी परिचित लोग थे या फिर जिनको मैं किसी भी तरीके से जानता हूं, सबके पास मैं अपना काम मांगने के लिए जाने लगा और मैंने उन्हें बताया कि मैंने अपना काम शुरू किया है। यदि आपको कभी भी कुछ भी आवश्यकता हो तो आप मुझे बता सकते हैं।

शुरुआत में तो मुझे बहुत ही दिक्कत हुई क्योंकि मेरे ऑफिस का खर्चा निकालना भी मुझे बहुत भारी पड़ रहा था। परंतु फिर भी धीरे-धीरे जब मैं ऑफिस का खर्चा निकालने लगा तो मुझे ऐसा लगने लगा कि शायद अब मेरा काम चलने लगेगा। अब समय के साथ मेरा काम अच्छे से चलने लगा और मेरे पास बहुत सी बुकिंग होने लगी। मेरे पास अब खुद की टीम हो चुकी थी। मैंने सारा सामान अपना खुद का ले लिया था। इसलिए मुझे कुछ भी दिक्कत नहीं होती थी। मुझे कई बुकिंगे आने लगी और मैंने कई शादियां करवा दी। एक बार मेरे पास एक लड़की की शादी की बुकिंग थी तो मैं जब उनके घर गया तो मैंने उस लड़की को देखा तो ना जाने क्यों मुझे पहली नजर में ही उसे देख कर अच्छा लगने लगा। और मैं उसकी तरफ ना चाहते हुए भी खींचता चला गया लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे दिल में उसके लिए क्या चल रहा है। परंतु फिर भी मैं अपने काम में भी बिजी रहा। मैंने उनके घर में अच्छे से काम करवा दिया था और पूरा डेकोरेशन करवा दिया था। वह लोग मेरे काम से बहुत खुश है और मुझसे कह रहे थे कि तुम बहुत ही अच्छा काम करते हो। यदि आगे कभी भी हमारे घर पर किसी भी प्रकार का कोई फंक्शन होता है तो हम तुम्हें ही बताएंगे। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जिस लड़की की शादी में मैं गया था उसका नाम रेशमा था और हम लोग जब उसे तैयार कर रहे थे तो वह बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी।

अब मैं रेशमा से बात करने लगा हूं और वह भी मुझसे बातें करने लगी। जब मैंने उससे उसकी शादी के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि यह शादी मेरे घर वालों की मर्जी से हो रही है। परंतु मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी। जब मैं उसकी आंखों में देखता तो मुझे ऐसा लगता काश मेरी शादी इससे हो जाती। परंतु उसकी शादी किसी और से होने जा रही थी। इसलिए मुझे बहुत ही दुख हो रहा था। मैं सोच ही रहा था कि उसे अपने दिल की बात कह दूं। परंतु मेरी हिम्मत नहीं हुई। मैं जैसे ही उसे देखता तो ना जाने मेरे दिल में एक अजीब सी हलचल पैदा हो जाती है और मैं समझ नहीं पा रहा था कि मेरे साथ ये क्या हो रहा है। क्योंकि वह दिखने में इतनी ज्यादा सुंदर थी कि मैं उसकी तरफ खींचा चला जा रहा था। रेशमा को भी मुझ पर प्यार आने लगा और वह भी मुझसे अच्छे से बात करने लगी और मैं भी उसे बहुत ही अच्छे से बात कर रहा था। बातों बातों में हम दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया और मैंने उसे प्रपोज कर दिया। जब मैंने उसे प्रपोज किया तो वह कहने लगी कि मुझे तुम बहुत ही अच्छे लगते हो। परंतु अब मेरी शादी होने वाली है। मैंने उसे कहा कि यदि तुम तैयार हो तो मैं तुमसे शादी कर लूंगा। मैं तुम्हारे पापा से भी बात कर लूंगा। वो कहने लगी मुझे तुमसे बहुत ही प्रेम है। परंतु मैं अपने पापा से इस बारे में बात नहीं कर सकती। यदि मैं उनसे इस बारे में बात करूंगी तो वह बहुत ही क्रोधित हो जाएंगे और मुझ पर बहुत गुस्सा होंगे। मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। परंतु रेशमा तो तैयार थी मुझसे शादी करने के लिए। मैंने उसे कहा कि यदि तुम मेरे साथ भाग चलो तो मैं तुमसे शादी कर सकता हूं लेकिन वह इस बात के लिए बिल्कुल भी राजी नहीं थी और मैं उसे मनाने की कोशिश कर रहा था। अब उसे भी लगने लगा था कि वह मुझसे और भी ज्यादा प्रेम करने लगी है। हम दोनों कमरे में बैठकर ही बात कर रहे थे कि हमें क्या करना चाहिए लेकिन ना तो मुझे कुछ समझ आ रहा था और ना ही रेशमा को कुछ समझ आ रहा था।

मैंने उससे अब किस कर लिया क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा टेंशन हो रही थी। उसके होठों को अपने होठों में जब मैंने लिया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। वह भी मेरे होठों को बहुत अच्छे से चूस रही थी थोड़ी देर में मैंने उसके सारे कपड़े खोल दिया और उसके बिना बाल वाली चूत को चाटना शुरु कर दिया वह गीली हो चुकी थी। मैंने तुरंत ही अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो उसकी चूत से खून निकलने लगा और रेशमा को भी बहुत अच्छा लगने लगा। अब वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और मैं उसके दोनों पैरों को पकड़कर उसे चोदे जा रहा था। उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसके स्तनों को भी बहुत ही अच्छे से चूसना शुरू कर दिया और उसके स्तन जब मैं अपने मुंह में लेता तो उसकी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ जाती। मैं भी उससे उतनी ही तेजी से झटके दिए जाता और वह भी मेरा पूरा साथ देती। अब हम दोनों का शरीर बहुत गर्म होने लगा और हम दोनों बहुत उत्तेजित होने लगे थे। मैं उसकी गर्मी को नहीं झेल पा रहा था मेरा वीर्य पतन उसकी योनि के अंदर ही हो गया।

उसके बाद मैंने सोचा अब हमें भाग जाना चाहिए और हम दोनों ने भाग कर शादी कर ली और अब वह मेरे एक बच्चे की मां बन चुकी है। उसके घर वाले भी अब मान चुके हैं लेकिन मुझे बहुत ही मजा आया जब मैंने उसे चोदा था। वह अब भी पहले जैसे ही मुलायम और नरम है हम दोनो आज भी बहुत ज्यादा सेक्स करती है।


(0) (0)
559
: Wednesday, December 5th, 2018
:
:        

Your Vote

×